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इंडिया ब्लॉक की बैठक से पहले BJP का राहुल और अखिलेश दोनों पर हमला, बोले- राहुल के नेतृत्व में असहज विपक्ष

Rahul Gandhi: बीजेपी सांसद नरेश बंसल ने चुनाव आयोग के विवाद को लेकर इंडिया ब्लॉक की बैठक पर टिप्पणी की है। उन्होंने अखिलेश यादव के मदरसों को लेकर किए गए वादों पर घेरा है।
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Sep 29, 2026
BJP
बीजेपी (Photo - ANI)

Naresh Bansal: बीजेपी सांसद नरेश बंसल ने इंडिया ब्लॉक की प्रस्तावित बैठक को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने एसआईआर प्रक्रिया, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े विवाद और राम मंदिर सहित कई राजनीतिक मुद्दों पर विपक्षी दलों को निशाने पर लिया। उन्होंने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के मदरसों से जुड़ी समस्याओं के समाधान और शिक्षकों का वेतन बहाल करने के वादे पर प्रतिक्रिया दी। साथ ही उन्होंने राहुल गांधी को लेकर भी टिप्पणी की। उनका कहना है कि गठबंधन के कई दल राहुल गांधी के नेतृत्व में आगे बढ़ने को लेकर असहज हैं और इसी वजह से कुछ नेता बैठक से दूरी बना सकते हैं।

अखिलेश के वादों पर हमला

अखिलेश यादव के मदरसों और मस्जिदों से जुड़ी समस्याओं को दूर करने, मदरसा शिक्षकों का वेतन बहाल करने और बकाया भुगतान के वादे पर बंसल ने कहा कि अखिलेश को पता है कि उनकी सरकार नहीं बनने वाली है, इसलिए वह ऐसे वादे कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि जनता इन वादों पर भरोसा नहीं करेगी। अखिलेश के मंदिर जाने वाले बयान पर भी बंसल ने टिप्पणी की। बंसल ने कहा कि धर्म के अनुरूप आचरण करने वाला व्यक्ति प्रतिदिन मंदिर जाता है। लेकिन, जिनका आचरण धर्मयुक्त नहीं है, वे मंदिर न जाने के लिए कोई भी बहाना बना सकते हैं।

SIR और ज्ञानेश कुमार पर कांग्रेस को घेरा

SIR के मुद्दे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर कांग्रेस की रणनीति पर बंसल ने कहा कि कांग्रेस राहुल गांधी के नेतृत्व में प्रभावी विपक्ष की भूमिका नहीं निभा रही है। एसआईआर के खिलाफ दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शन को लेकर बंसल ने कांग्रेस पर संवैधानिक संस्थाओं को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि चुनाव जीतने पर कांग्रेस EVM और चुनाव आयोग को सही मानती है, जबकि हारने पर सवाल उठाती है।

सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर बोले

मतदाता सूची से नाम हटाने के खिलाफ याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से तत्काल सुनवाई से इनकार किए जाने और 5 अक्टूबर की तारीख तय करने पर बंसल ने कहा कि अदालत के फैसले पर टिप्पणी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने जो उचित समझा, वही फैसला लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि तत्काल सुनवाई न करने का अर्थ यह हो सकता है कि अदालत को याचिका में तत्काल सुनवाई की जरूरत नहीं लगी।

Updated on:
29 Sept 2026 10:04 pm
Published on:
29 Sept 2026 10:04 pm