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NDA में TDP और JDU से भी बड़ी हो जाएगी NCPI, दलबदलुओं को नकारने का देती थी नारा

TMC Crisis: तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों के नेशनल सिटीजन पार्टी में विलय और एनडीए को समर्थन देने के ऐलान से राष्ट्रीय राजनीति में हलचल मच गई है। इस घटनाक्रम के बाद NCPI लोकसभा में एनडीए की दूसरी सबसे बड़ी सहयोगी पार्टी बनने की स्थिति में पहुंच गई है।

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Jun 15, 2026
TMC MP Meet Loksabha Speaker
TMC के 20 सांसद ने NCPI में विलय किया (Photo-ANI)

NCPI merger with TMC MP: देश की राजनीति में नेशनल सिटीजन पार्टी (NCPI) की अचानक चर्चा होने लगी है। तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों ने NCPI में विलय कर लिया है और सदन में एनडीए का साथ देने की बात कही है। 20 जनवरी 2023 को चुनाव आयोग ने नेशनल सिटीजन पार्टी को पंजीकृत गैर-मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल के रूप में मान्यता दी थी। पार्टी ने अपना पहला चुनाव त्रिपुरा में लड़ा था और महज 822 वोट मिले थे। 

NDA की बन जाएगी दूसरी सबसे बड़ी सहयोगी

बता दें कि TMC के बागी सांसदों ने लोकसभा स्पीकर को पत्र सौंप सदन में अलग से बैठने की व्यवस्था करने की मांग की है, साथ ही कहा कि वे एनडीए का समर्थन करेंगे। इसके साथ ही NDA की दूसरी सबसे बड़ी सहयोगी बन जाएगी। इस मामले में नीतीश कुमार की पार्टी JDU और चंद्रबाबू नायडू की पार्टी तेलुगु देशम पार्टी (TDP) से भी आगे निकल जाएगी। 

बता दें कि लोकसभा में एनडीए के सबसे ज्यादा सांसद बीजेपी के हैं। बीजेपी के 240 सांसद हैं। वहीं फिलहाल दूसरे नंबर पर चंद्रबाबू नायडू की टीडीपी है। TDP के 16 सांसद है और नीतीश कुमार की JDU के 12 सांसद हैं। लेकिन अब ममता के बागी 20 सांसदों के एनसीपीआई में विलय के बाद अब यह पार्टी NDA की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन जाएगी। 

दलबदलुओं को नकारो का दिया था नारा

त्रिपुरा विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान नेशनल सिटीजन पार्टी (Nationalist Citizens Party of India) ने ‘अपने अधिकार बचाने के लिए, दलबदलुओं को नकारो’ का नारा दिया था। पार्टी का यह नारा दलबदल के खिलाफ था, जिसे चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी ने काफी इस्तेमाल किया था। 

NCPI ने त्रिपुरा चुनाव के समय लगाए पोस्टर में दल-बदलुओं को खारिज करने का नारा दिया था

बंगाल में खोले जाएंगे पार्टी के कार्यालय

बांकुड़ा से सांसद अरूप चक्रवर्ती ने कहा कि अब पश्चिम बंगाल भर में पार्टी के कार्यालय खोले जाएंगे। वहीं वरिष्ठ सांसद सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि NCPI में शामिल होना केवल एक अस्थायी कदम है। उनका दावा है कि बागी सांसदों ने अभी भी खुद को वास्तविक तृणमूल कांग्रेस साबित करने का प्रयास नहीं छोड़ा है।

उन्होंने कहा कि हमने NCPI में शामिल होकर उसके साथ विलय किया है। जब किसी पार्टी के दो-तिहाई सदस्य अलग हो जाते हैं तो पहले ही दिन पार्टी के नाम पर दावा नहीं किया जा सकता। जुलाई में संसद सत्र शुरू होने पर दूसरा समूह (ममता बनर्जी समर्थक) TMC के नाम से आएगा और हम भी TMC की पहचान पर अपना दावा पेश करेंगे।

Published on:
15 Jun 2026 09:42 am
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