
NEET re-exam: देशभर में 21 जून को नीट की परिक्षाएं होने जा रही है। पिछली बार आयोजित एग्जाम के बाद पेपर लीक का मामला सामने आया और परीक्षा रद्द हो गई जिसके बाद अब रिएग्जाम आयोजित किए जा रहे है। इसी बीच नागपुर के एक छात्र के परीक्षा केंद्र से जुड़ा बड़ा विवाद सामने आया था। छात्र के परिवार ने दावा किया था कि परीक्षा के लिए जारी किए गए एडमिट कार्ड में उसका परीक्षा केंद्र अबू धाबी दिखा रहा है। अब इस मामले पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की प्रतिक्रिया सामने आई है। NTA ने साफ किया है कि उम्मीदवार के लॉगिन से ही अबू धाबी को परीक्षा शहर के रूप में चुना गया था।
NTA ने अपने बयान में कहा कि परीक्षा शहर बदलने की प्रक्रिया ओपन करेक्शन विंडो के दौरान हुई थी। NTA ने साफ किया कि उनका वेब-एक्टिविटी रिकॉर्ड बताता है कि एग्जाम सेंटर में बदलाव उम्मीदवार के अपने लॉगिन के माध्यम से किया गया था। NTA के अनुसार उसके वेब-एक्टिविटी रिकॉर्ड में लगातार एक ही यूजर के लॉगिन का पैटर्न दिखाई देता है।
NTA के मुताबिक, 19 जून की शाम को उम्मीदवार के परिवार की ओर से अनौपचारिक अनुरोध प्राप्त हुआ, जिसमें परीक्षा केंद्र को अबू धाबी से नागपुर स्थानांतरित करने की मांग की गई थी। यह अनुरोध परीक्षा से करीब 48 घंटे पहले किया गया। एजेंसी ने कहा कि उसने तत्काल प्रक्रिया शुरू की और उम्मीदवार के पिता से संपर्क कर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करवाईं। NTA का कहना है कि उसने छात्र को परीक्षा से वंचित होने से बचाने के लिए प्राथमिकता के आधार पर निर्णय लिया। एजेंसी ने दोहराया कि उसका स्टूडेंट-फर्स्ट दृष्टिकोण हर स्थिति में लागू रहेगा।
NTA ने बताया कि NEET-UG 2026 परीक्षा की तारीख 21 जून तय होने के बाद परीक्षा शहर सुधार विंडो दोबारा खोली गई थी। एजेंसी के अनुसार, लगभग 3.2 लाख उम्मीदवारों ने इस सुविधा का उपयोग किया। इनमें से 99.5 प्रतिशत से अधिक छात्रों को उनकी पसंद के शहर में परीक्षा केंद्र आवंटित किया गया। रिकॉर्ड के अनुसार, अबू धाबी केंद्र से संबंधित जानकारी उम्मीदवार के अकाउंट से तीन बार देखी गई थी। एक बार शहर परिवर्तन किया गया और दो अन्य अवसरों पर उसी अकाउंट से सेंटर डिटेल्स एक्सेस की गईं। NTA के इस दावें पर छात्र या उसके परिवार की तरफ से अभी तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।