
कनाडा के उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर (ANI Photo)
Canada Indian Students: भारत और कनाडा के बीच पिछले कुछ समय से चले आ रहे तनाव के बाद अब रिश्तों में सुधार के संकेत दिखाई दे रहे हैं। कनाडा के भारत में उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर (Chris Cooter) ने कहा है कि दोनों देशों के संबंध अब दोबारा सहयोग के दौर में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने इसका बड़ा कारण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कैरनी के बीच बनी अच्छी समझ को बताया।
क्रिस्टोफर कूटर ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच व्यक्तिगत तालमेल बेहतर है और यही रिश्ता आगे बढ़कर दोनों देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने में मदद कर रहा है।
कनाडा के भारत में उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर ने साफ कहा है कि कनाडा ने भारतीय छात्रों के लिए अपने दरवाजे बंद नहीं किए हैं। उन्होंने कहा कि अभी भारतीय छात्रों के लिए आवेदन करने का सबसे अच्छा समय हो सकता है। कूटर ने उन खबरों और धारणाओं को गलत बताया, जिनमें कहा जा रहा था कि कनाडा अब अंतरराष्ट्रीय छात्रों को पहले जैसा मौका नहीं दे रहा है।
क्रिस्टोफर कूटर ने कहा कि भारत में एक गलत धारणा बन गई है कि कनाडा ने विदेशी छात्रों के लिए रास्ते बंद कर दिए हैं। उन्होंने कहा इसकी वजह यह है कि भारत में एक तरह की गलतफहमी है कि कनाडा अपने दरवाजे बंद कर रहा है। असल में ऐसा बिल्कुल नहीं है। उन्होंने बताया कि कनाडा ने कुछ साल पहले अंतरराष्ट्रीय छात्रों की संख्या पर सीमा लगाई थी, लेकिन इसका कारण छात्रों को रोकना नहीं बल्कि व्यवस्था को बेहतर बनाना था।
कूटर ने कहा कि कनाडा की कई यूनिवर्सिटीज दुनिया की टॉप रैंकिंग में शामिल हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि मैकगिल यूनिवर्सिटी और यूनिवर्सिटी ऑफ टोरंटो जैसी संस्थाएं दुनिया की टॉप 100 यूनिवर्सिटीज में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि मौजूदा छात्र सीमा अभी पूरी नहीं हुई है और भारतीय छात्रों के लिए अभी भी काफी जगह उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि छात्रों का स्वागत है। हम अभी उन तय सीमाओं तक भी नहीं पहुंचे हैं। इसलिए, असल में एक भारतीय छात्र के तौर पर आवेदन करने का यह शायद सबसे अच्छा समय है, क्योंकि हम चाहते हैं कि आप वहां आएं और इन तय सीमाओं के अंदर अभी जगह भी है।
कनाडा के उच्चायुक्त क्रिस्टोफर कूटर ने कहा कि भारत और कनाडा क्रिटिकल मिनरल्स और क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में भरोसेमंद साझेदार बन सकते हैं। उन्होंने बताया कि कनाडा भारत को यूरेनियम, लिथियम, निकेल और अन्य जरूरी संसाधनों की आपूर्ति में सहयोग कर सकता है। दोनों देशों के बीच ऊर्जा और तकनीक क्षेत्र में बड़ी संभावनाएं हैं। कनाडा जल्द प्राकृतिक गैस, एलपीजी और इलेक्ट्रिक वाहन बैटरी उत्पादन क्षमता बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।
Published on:
22 Jun 2026 03:32 pm
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