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‘सरकार को ज्यादा बच्चे पैदा करने वाले लोगों को इनाम देना चाहिए’, असम में मौलाना बदरुद्दीन अजमल का बयान

AIUDF चीफ मौलाना बदरुद्दीन अजमल बोले - असम में जनसंख्या बचाने के लिए सरकार ज्यादा बच्चे पैदा करने वालों को पुरस्कृत करे।
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गुवाहाटी

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Mukul Kumar

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Updated: 22 Jun 2026, 4:58 PM IST

Assam News

असम सीएम हिमंता बिस्वा सरमा और मौलाना बदरुद्दीन अजमल। (फोटो- IANS)

असम में ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (AIUDF) के अध्यक्ष मौलाना बदरुद्दीन अजमल ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने असम की घटती जनसंख्या पर चिंता जताते हुए कहा कि सरकार को ज्यादा बच्चे पैदा करने वालों को इनाम देना चाहिए और उन्हें जरूरी सुविधाएं भी मुहैया करानी चाहिए।

मौलाना के इस बयान के बाद सियासी गलियारों में वार-पलटवार की स्थिति तेज होने की उम्मीद है। बदरुद्दीन अजमल ने सोमवार को असम विधानसभा के सदस्य के तौर पर शपथ ली। शपथ लेते ही उन्होंने यह बयान दिया है।

मौलाना ने जोर देकर कहा कि असम में मुस्लिम समुदाय समेत कई इलाकों में जन्म दर कम हो रही है। अगर यही हाल रहा तो आने वाले समय में राज्य की आबादी और कम हो जाएगी।

जनसंख्या घटने से कई चुनौतियां

अजमल ने खुलकर कहा कि कम बच्चे होने से न सिर्फ काम करने वाली उम्र के लोगों की संख्या घटेगी बल्कि समाज पर कई तरह के बोझ बढ़ेंगे। स्कूल-कॉलेज खाली होने लगेंगे, श्रमिकों की कमी महसूस होगी और बूढ़े लोगों की देखभाल का जिम्मा कम लोगों पर आ जाएगा।

उन्होंने कहा- सरकार को नीति बनाकर ज्यादा बच्चों वाले परिवारों को आर्थिक मदद, मुफ्त शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं देनी चाहिए।AIUDF प्रमुख ने केंद्र और राज्य सरकार से अपील की कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से लें।

बता दें कि असम में बंगाली मुस्लिम समुदाय की बड़ी आबादी है और अजमल लंबे समय से इसी वर्ग की आवाज उठाते रहे हैं। पिछले कुछ सालों से असम में कुल जनसंख्या वृद्धि दर राष्ट्रीय औसत से कम रही है। कई जिलों में मुस्लिम बहुल इलाकों में भी जन्म दर घटी है।

ग्रामीण इलाकों में छोटे परिवार का बढ़ रहा ट्रेंड

कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक शहरी इलाकों में शिक्षा और महंगाई के कारण लोग कम बच्चे रखने लगे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भी छोटे परिवार का ट्रेंड बढ़ रहा है।

मौलाना अजमल ने कहा कि सिर्फ चेतावनी देने से काम नहीं चलेगा। ठोस कदम उठाने की जरूरत है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ देशों में सरकारें ज्यादा बच्चों पर बोनस और छूट देती हैं। भारत को भी ऐसी नीतियों पर विचार करना चाहिए।

असम में बड़ा राजनीतिक चेहरा हैं अजमल

मौलाना बदरुद्दीन अजमल AIUDF के संस्थापक हैं और असम की राजनीति में प्रभावशाली चेहरा माने जाते हैं। उन्होंने पहले भी अल्पसंख्यक मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर में जनसंख्या नीति पर चर्चा चल रही है।

अजमल ने साफ कहा कि सरकार अगर जल्दी कदम नहीं उठाएगी तो असम की पहचान और अर्थव्यवस्था दोनों पर असर पड़ेगा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे बड़े परिवार की परंपरा को बनाए रखें लेकिन जिम्मेदारी से।