
NEET UG पेपर लीक मामले में राउज एवेन्यू स्थित स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट ने CBI को चार्जशीट की जांच प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा है कि CBI बुधवार शाम तक चार्जशीट की जांच पूरी करे और 6 अगस्त तक इसकी प्रति सभी आरोपियों को उपलब्ध कराए। मामले में दाखिल चार्जशीट फिलहाल अदालत के विचाराधीन है। मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने दिनेश बिवाल और विकास बिवाल की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई को 6 अगस्त तक के लिए टाल दिया। आरोपियों की ओर से पेश वकील ने अदालत से चार्जशीट की प्रति उपलब्ध कराने की मांग की थी।
सुनवाई के दौरान अधिवक्ता एपी सिंह ने मंगललाल बिवाल, दिनेश बिवाल और विकास बिवाल का लाई डिटेक्टर टेस्ट, ब्रेन मैपिंग और पॉलीग्राफ टेस्ट कराने की मांग करते हुए आवेदन दाखिल किया। इस पर स्पेशल जज अजय गुप्ता ने CBI से जवाब दाखिल करने को कहा है। अदालत ने यह भी कहा कि आवेदन की स्वीकार्यता पर बाद में विचार किया जाएगा।
अदालत ने मामले की सुनवाई को रोजाना आधार पर जारी रखने की बात कही है। यह विशेष अदालत लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत पेपर लीक और इससे जुड़े मामलों की सुनवाई कर रही है।
इससे पहले 29 जुलाई को अदालत ने चार्जशीट के साथ दाखिल दस्तावेजों में कमी को लेकर सवाल उठाए थे। कोर्ट ने कहा था कि चार्जशीट के साथ दस्तावेजों, बयानों की सूची और अन्य सामग्री पूरी तरह उपलब्ध नहीं कराई गई है। CBI ने अदालत को बताया था कि चार्जशीट और संबंधित दस्तावेज करीब 20 हजार पन्नों के हैं, जिन्हें स्कैन करने और 13 आरोपियों को उपलब्ध कराने में समय लग रहा है।
CBI ने इस मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। एजेंसी ने आरोपियों पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, सबूत नष्ट करने समेत कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई है। CBI की चार्जशीट में 360 गवाहों, 422 दस्तावेजों और 43 भौतिक साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है। सभी 13 आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं।
जांच एजेंसी के मुताबिक, NEET UG 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर 12 मई 2026 को शिकायत दर्ज की गई थी। इसके बाद CBI ने FIR दर्ज कर कई राज्यों में छापेमारी की। जांच के दौरान डिजिटल उपकरण, दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण सामग्री जब्त की गई। CBI ने बताया कि मामले में NTA के तीन विषय विशेषज्ञों समेत कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही पेपर लीक से जुड़े बिचौलियों और कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की गई है। एजेंसी ने आरोपियों के कई बैंक खाते, लॉकर और एक डीमैट खाते को भी फ्रीज किया है।