
Neha Bora StatementControversy: ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा के ब्राह्मण महिलाओं और मंदिरों के पुजारियों को लेकर दिए गए बयान पर विवाद गहराता जा रहा है। दिल्ली की अधिवक्ता अमिता सचदेवा ने बुधवार को आइसा अध्यक्ष के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के बयान विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का काम करते हैं।
अधिवक्ता अमिता सचदेवा ने कहा कि उन्होंने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196 के तहत पुलिस में शिकायत दी है। उनके मुताबिक, पुलिस ने मामले में वरिष्ठ अधिकारियों से विचार-विमर्श कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
अमिता सचदेवा ने यह भी कहा है कि वह कुछ दिनों तक पुलिस की कार्रवाई का इंतजार करेंगी। यदि आवश्यक हुआ तो डीसीपी से भी संपर्क करेंगी। इसके बाद भी यदि कार्रवाई नहीं होती है तो वह कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगी और FIR दर्ज कराने की मांग करेंगी।
बता दें कि सोशल मीडिया पर नेहा बोरा का पुराना वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उन्होंने मंदिर परिसरों में ब्राह्मण महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सवाल उठाए थे। उन्होंने आरोप लगाया था कि ब्राह्मणवादी व्यवस्था के तहत महिलाओं के साथ अत्याचार होते हैं और मंदिरों के भीतर पुजारियों द्वारा दुष्कर्म की घटनाएं भी सामने आती हैं।
वीडियो में बोरा ने कहा था कि महिलाओं, शूद्रों, गरीबों और पशुओं को दंडित किए जाने की बात करने वाली व्यवस्था से ही सुरक्षा की जरूरत है। उन्होंने उन्नाव और कठुआ की घटनाओं का भी जिक्र किया था।
आइसा अध्यक्ष नेहा बोरा के इस बयान पर नेताओं ने आपत्ति जताई है। भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर नेहा बोरा का यह वीडियो शेयर किया। उन्होंने बोरा के बयान की आलोचना करते हुए कांग्रेस पर हिंदू विरोधी विचारों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
इस मामले में केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी नेहा बोरा के बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि देश में आज भी जाति और धर्म के आधार पर भेदभाव की घटनाएं सामने आती हैं, लेकिन राजनीतिक नेताओं की जिम्मेदारी है कि वे समाज को बांटने के बजाय एकजुट करने वाले उदाहरणों को सामने रखें।