टीएनएपीएस के तहत पात्र कर्मचारियों को अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत सुनिश्चित पेंशन मिलेगी। सरकार कर्मचारी के 10 प्रतिशत अंशदान के साथ-साथ पेंशन फंड का पूरा अतिरिक्त दायित्व वहन करेगी।
Tamil Nadu Assured Pension Scheme: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने शनिवार को राज्य के सरकारी कर्मचारियों और शिक्षकों के लिए 'तमिलनाडु सुनिश्चित पेंशन योजना' (टीएनएपीएस) लागू करने की घोषणा की। यह कदम पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) बहाल करने की लंबे समय से चली आ रही मांगों के बीच आया है, जिसे डीएमके ने 2021 विधानसभा चुनाव से पहले वादा किया था।
नई योजना से राज्य खजाने पर सालाना करीब 11,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ने का अनुमान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना सेवानिवृत्त कर्मचारियों को बेहतर वित्तीय सुरक्षा देगी और राज्य की दीर्घकालिक राजकोषीय स्थिरता भी बनाए रखेगी।
टीएनएपीएस के तहत पात्र कर्मचारियों को अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत सुनिश्चित पेंशन मिलेगी। सरकार कर्मचारी के 10 प्रतिशत अंशदान के साथ-साथ पेंशन फंड का पूरा अतिरिक्त दायित्व वहन करेगी। सेवारत कर्मचारियों को समय-समय पर महंगाई भत्ता (डीए) में संशोधन मिलेगा। पेंशनभोगियों को हर छह महीने में डीए वृद्धि की गारंटी होगी, ताकि पेंशन मुद्रास्फीति के साथ तालमेल रखे।
पेंशनभोगी की मृत्यु पर अंतिम पेंशन का 60 प्रतिशत पारिवारिक पेंशन के रूप में नामित व्यक्ति या परिवार को मिलेगा। सेवानिवृत्ति या सेवा के दौरान मृत्यु पर सेवा अवधि के आधार पर 25 लाख रुपये तक ग्रेच्युटी दी जाएगी। निर्धारित सेवा अवधि पूरी किए बिना रिटायर होने वालों को भी न्यूनतम पेंशन मिलेगी।
हाल के हफ्तों में कर्मचारी और शिक्षक संगठनों ने 6 जनवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी थी, जिसमें ओपीएस बहाली प्रमुख मांग थी। सत्ता में साढ़े चार साल बाद भी वादा पूरा न होने से असंतोष बढ़ रहा था। विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ सरकार ने स्थिति शांत करने के लिए यह नया ढांचा पेश किया।
अंशदायी पेंशन योजना (सीपीएस) में शामिल कर्मचारियों और नई योजना से पहले बिना पेंशन रिटायर हुए लोगों के लिए विशेष अनुकंपा पेंशन की व्यवस्था की गई है। डीएमके सरकार का दावा है कि टीएनएपीएस ओपीएस की प्रमुख विशेषताओं को शामिल करती है। हालांकि, विपक्षी दल और कर्मचारी संघ इसकी बारीकी से जांच कर रहे हैं कि क्या यह वाकई पुरानी योजना के बराबर है। कई संगठन अभी भी पूरी ओपीएस बहाली की मांग पर अड़े हैं।