
कांग्रेस नेता और सांसद शशि थरूर (Photo-IANS)
कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बीसीसीआई के उस फैसले की कड़ी आलोचना की है, जिसमें कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) को बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को आईपीएल 2026 स्क्वॉड से रिलीज करने का निर्देश दिया गया। थरूर ने इसे खेल का 'बेतुका राजनीतिकरण' करार देते हुए सवाल उठाया कि क्या किसी खिलाड़ी को उसके देश या धर्म के आधार पर सजा दी जा रही है?
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा कि 'हालिया घटनाक्रमों' को देखते हुए केकेआर को मुस्तफिजुर को रिलीज करने को कहा गया है। केकेआर ने 9.20 करोड़ रुपये में नीलामी में खरीदे गए इस खिलाड़ी को रिलीज कर दिया और बोर्ड ने रिप्लेसमेंट खिलाड़ी की अनुमति दी। यह फैसला बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों के बीच आया है।
थरूर ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, "बीसीसीआई ने निंदनीय तरीके से मुस्तफिजुर रहमान को बाहर कर दिया। अगर बांग्लादेशी खिलाड़ी लिटन दास या सौम्य सरकार होता तो? हम किसे सजा दे रहे हैं- एक देश को, व्यक्ति को या उसके धर्म को? खेल का यह बेतुका राजनीतिकरण हमें कहां ले जाएगा?" उन्होंने पहले भी कहा था कि क्रिकेट को बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हमलों का बोझ नहीं उठाना चाहिए।
30 वर्षीय बाएं हाथ के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान बांग्लादेश के स्टार खिलाड़ी हैं। उन्होंने 2016 से आईपीएल में कई सीजन खेले हैं और सनराइजर्स हैदराबाद सहित टीमों का प्रतिनिधित्व किया। इस बार वह आईपीएल इतिहास के सबसे महंगे बांग्लादेशी खिलाड़ी बने थे। मुस्तफिजुर पर कोई व्यक्तिगत आरोप नहीं है, वे सिर्फ एक क्रिकेटर हैं।
बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर हमलों की रिपोर्ट्स के बाद केकेआर की नीलामी पर सवाल उठे। कुछ धार्मिक नेताओं और राजनीतिक हस्तियों ने शाहरुख खान सहित केकेआर की आलोचना की। बीजेपी ने फैसले का स्वागत किया, जबकि कांग्रेस ने इसे राजनीति से प्रेरित बताया।
कांग्रेस नेता प्रियंक खड़गे ने भी बीसीसीआई और बीजेपी की आलोचना की। पूर्व क्रिकेटर अतुल वासन ने कहा कि खेल और राजनीति अलग नहीं रह सकते।
Updated on:
03 Jan 2026 07:46 pm
Published on:
03 Jan 2026 07:46 pm
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
