Jammu Kashmir घाटी में आतंकवाद को करार जवाब देने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी का बड़ा एक्शन, तीन जिलों में 16 जगहों पर एक साथ की जा रही छापेमारी, एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक टेरर फंडिंग और आतंकी संगठन TRF को मदद करने वाले हर ओवरग्राउंड वर्कर की जांच की जाएगी
नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर ( Jammu Kashmir ) में बढ़ते आतंकवाद ( Terrorism ) की कमर तोड़ने के लिए सरकार सख्त हो गई है। यही वजह है कि तमाम सुरक्षा एजेंसियां एक्शन मोड में नजर आ रही है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ( NIA ) की बड़ी कार्रवाई सामने आई है।
दरअसल 10 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर में माहौल बिगाड़ने के आरोप में एक केस दर्ज किया गया था। इस FIR को लेकर ही अब एजेंसी ने कार्रवाई शुरू की है। एजेंसी के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक टेरर फंडिंग और आतंकी संगठन TRF को मदद करने वाले हर ओवरग्राउंड वर्कर की जांच की जाएगी। एनआईए की छापेमारी शोपियां, पुलवामा और श्रीनगर में चल रही है।
अधिकारी के मुताबिक जो लोग पाकिस्तानी आतंकवादियों की घाटी में दहशत फैलाने में मदद करते रहे हैं। ऐसे लोगों की पहचान कर उन्हें दबोचा जाएगा।
भारतीय एजेंसियों के मुताबिक टीआरएफ लश्कर-ए-तैयबा का ही एक नया रूप है, जिसे नए नाम से लॉन्च किया गया है। हाल ही में घाटी में हुए आतंकी हमलों की जिम्मेदारी भी रेजिस्टेंस फोर्स ने ली थी।
यही नहीं जांचकर्ताओं का कहना है कि जून में 5.5 किलोग्राम आईईडी मिलने के मामले में भी टीआरएफ का ही हाथ था।
यह विस्फोटक ड्रोन का इस्तेमालल करते हुए जम्मू के बठिंडी इलाके में गिराया गया था। इसके साथ ही NIA ‘वॉयस ऑफ हिंद’ नामक एक ऑनलाइन मैगजीन के पीछे आईएसआईएस के नेतृत्व वाली टीम का भंडाफोड़ करने के उद्देश्य से जम्मू और कश्मीर में छापेमारी कर रही है।
हाल में एनआईए ने छापेमारी के साथ ही कई लोगों को हिरासत में भी लिया है और इनसे भी पूछताछ की जा रही है। इसमें 70 से ज्यादा युवा शामिल हैं।
एनआईए पिछले कई दिनों से आतंकी ठिकानों और उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए छापेमारी का अभियान चला रही है। रविवार को भी राष्ट्रीय एजेंसी ने कश्मीर घाटी में कई स्थानों पर छापेमारी की और द रेजिस्टेंस फ्रंट ( TRF ) के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया।