
Surrendered Militants NLFT-ATTF Protest: त्रिपुरा में हालात तनावपूर्ण है। प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन ‘ऑल त्रिपुरा टाइगर फोर्स’ (ATTF) और ‘नेशनल लिबरेशन फ्रंट ऑफ त्रिपुरा' (NLFT) के आत्मसमर्पण कर चुके सदस्यों ने 72 घंटे का सड़क और रेल ब्लॉकेड शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने रेलवे ट्रैक पर बैठकर ट्रेनों की आवाजाही रोक दी, जबकि कई प्रमुख सड़कों पर भी यातायात प्रभावित हुआ।
उनका आरोप है कि केंद्र और राज्य सरकार ने दो साल पहले हुए शांति समझौते के तहत पुनर्वास, रोजगार, आर्थिक सहायता और अन्य सुविधाओं का वादा किया था, लेकिन अब तक कई मांगें पूरी नहीं हुई हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्होंने पहले ही प्रशासन को नोटिस दिया था और सरकार के साथ बातचीत भी हुई, लेकिन उससे उन्हें संतोषजनक आश्वासन नहीं मिला। इसी वजह से उन्होंने आंदोलन का रास्ता चुना।
‘NLFT’ सदस्य थॉमस उचॉय ने कहा कि विरोध के बारे में हमने 7 दिन पहले नोटिस दिया था। विकास मंत्री से भी बातचीत हुई लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसलिए सड़क पर धरना दे रहे हैं।
बता दें ‘ATTF’ और ‘NLFT’ भारत के पूर्वोत्तर राज्य त्रिपुरा में सक्रिय दो प्रमुख उग्रवादी संगठन थे। दशकों के हिंसक संघर्ष के बाद, इन समूहों ने मुख्यधारा में जुड़ने के लिए हथियार छोड़ केंद्र व राज्य सरकार के साथ शांति समझौता दो साल पहले 4 सितंबर, 2024 को किया था।
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