Mukul Roy Death News: पूर्व रेल मंत्री मुकुल रॉय के निधन के बाद बेटे सुभ्रांशु ने बताया कि वे पार्किंसंस रोग सहित कई बीमारियों से पीड़ित थे और उनकी तीन सर्जरी हो चुकी थीं।
Mukul Roy Passes Away: पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक सदस्य और प्रदेश की राजनीति के चाणक्य मुकुल रॉय का सोमवार तड़के कोलकाता के एक अस्पताल में निधन हो गया। वे 71 साल के थे। पिता की मौत के बाद बेटे सुभ्रांशु ने बताया कि वे पार्किंसंस रोग सहित कई बीमारियों से पीड़ित थे और उनकी तीन सर्जरी हो चुकी थीं। सुभ्रांशु ने आगे बताया कि वे दो साल से अधिक समय तक अस्पताल में भर्ती रहे और कोमा में थे।
सुभ्रांशु रॉय ने आगे कहा कि हम पिताजी के पार्थिव शरीर को दोपहर करीब 12 PM बजे विधानसभा ले जाएंगे। TMC के बड़े नेता रोज बातचीत करते थे और उनकी सेहत पर नज़र रखते थे। BJP से किसी ने मुझसे संपर्क नहीं किया। सिर्फ सौमित्र खान एक बार उनसे मिलने आए थे।
पूर्व रेल मंत्री मुकुल रॉय के निधन पर बीजेपी नेता दिलीप घोष का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि वह एक अनुभवी नेता थे। वह केंद्रीय मंत्री भी बने। जब वह BJP में आए, तो उन्हें बहुत सम्मान दिया गया। 2019-2021 तक वह हमारे साथ थे। बाद में, उन्होंने BJP छोड़ दी और TMC में चले गए। पिछले 2-3 सालों से वह बीमार थे और राजनीति में सक्रिय रूप से भाग नहीं ले सके। मैं प्रार्थना करता हूं कि उनकी आत्मा को शांति मिले।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने मुकुल रॉय के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि वरिष्ठ राजनीतिज्ञ मुकुल रॉय के दुखद निधन के बारे में जानकर मुझे गहरा दुख हुआ। उनके परिवार के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं। उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं।
टीएमसी के संस्थापक नेताओं में शामिल मुकुल रॉय को कभी ममता बनर्जी के बाद पार्टी का दूसरा सबसे ताकतवर नेता माना जाता था। 2011 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में टीएमसी की बड़ी जीत और 34 साल से सत्ता में रही लेफ्ट फ्रंट सरकार को हटाने में उनकी रणनीति की अहम भूमिका रही। संगठन को मजबूत बनाने और बूथ स्तर तक पकड़ रखने के कारण उन्हें पार्टी का “चाणक्य” कहा जाता था।