
CJP Protest: नीट पेपर लीक, परीक्षाओं में गड़बड़ी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे हैं। अब वांगचुक के समर्थन में जम्मू कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला भी उतर गए। उन्होंने उनकी भूख हड़ताल को लेकर चिंता जताई है। बता दें कि उनका अनशन गुरुवार को 19वें दिन में प्रवेश कर गया।
इस दौरान उन्होंने 20 जुलाई को दिल्ली आने की भी बात कही है। सीएम अब्दुल्ला ने कहा कि हमारा प्रोग्राम नहीं बदलेगा। हमारे प्रोग्राम की जगह और तरीका बदल सकता है, लेकिन दिल्ली जाने का हमारा प्लान नहीं बदलेगा। हम कोने में छिपकर काम नहीं करेंगे। हम दिल्ली जाएंगे और अपनी आवाज उठाएंगे। हम देखेंगे कि आगे क्या करना है।
उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार से भी अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार को राजनीति से ऊपर उठकर मानवता और संवेदनशीलता दिखानी चाहिए। उन्होंने कहा कि अब तक केंद्र सरकार को सोनम वांगचुक से बातचीत कर उन्हें अनशन समाप्त करने का आग्रह करना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि सोनम वांगचुक की तबीयत लगातार खराब हो रही है और उनका वजन भी काफी कम हो गया है। इसके बाद भी मोदी सरकार की ओर से कोई पहल नहीं की गई है।
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सोनम वांगचुक की मुख्य मांग राष्ट्रीय परीक्षाओं, विशेषकर NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक मामले को लेकर है। उनका कहना है कि इन घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है, इसलिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को या तो इस्तीफा देना चाहिए या उन्हें पद से हटाया जाना चाहिए।
इस दौरान उन्होंने सीजेपी प्रोटेस्ट की अन्ना हजारे के जन लोकपाल आंदोलन से तुलना की। उन्होंने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने अन्ना हजारे से बातचीत के लिए मंत्रियों को भेजा था, जबकि वर्तमान में केंद्र सरकार सोनम वांगचुक के आंदोलन को लेकर उदासीन दिखाई दे रही है।
वहीं, वांगचुक का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने उनकी सेहत को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उनके चिकित्सक डॉ. सतीश लांबा के अनुसार, लगातार 19 दिनों से भोजन न लेने के कारण उनका वजन 9 किलोग्राम से अधिक घटकर 56.9 किलोग्राम रह गया है।