
अमेरिका-ईरान के बीच शांति को लेकर डील फाइनल हो गई है। 19 जून को स्विट्जरलैंड में दोनों के बीच समझौता होगा। इस युद्ध को रोकने में पाकिस्तान ने बड़ी भूमिका निभाई। अब इस मुद्दे को लेकर भारत में घमासान मच गया है।
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने सवाल उठाया है कि भारत इस बड़े घटनाक्रम में कहां खड़ा है? उन्होंने कहा कि शांति की कोई भी पहल का स्वागत है, लेकिन भारत की चुप्पी और पाकिस्तान की सक्रिय भूमिका पर गंभीर सवाल हैं।
श्रीनेत ने कहा कि जहां भी दुनिया में युद्ध होता है, सबसे ज्यादा दर्द आम आदमी झेलता है। महिलाएं, बच्चे और गरीब परिवार सबसे भारी कीमत चुकाते हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि शांति की कोशिशों का हम स्वागत करते हैं क्योंकि इससे मध्य पूर्व जैसे संवेदनशील इलाके में तनाव कम हो सकता है।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर श्रीनेत ने बड़ा हमला बोला। उन्होंने याद दिलाया कि हाल ही में तीन भारतीय नाविक की जान चली गई। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका की कार्रवाई की वजह से यह हुआ।
श्रीनेत ने कहा- जहाज पर भारतीय क्रू था, यह पता होने के बावजूद प्रधानमंत्री ने एक शब्द भी नहीं कहा। न शोक व्यक्त किया, न संवेदना, न कोई मैसेज दिया। अमेरिका पर आपत्ति दर्ज कराने की तो बात ही दूर रही। उन्होंने पूछा कि जब भारतीयों की जान जा रही है तो सरकार क्यों चुप है?
सुप्रिया ने कहा- हम शांति का स्वागत करते हैं, लेकिन यह भी पूछना चाहते हैं कि भारत ने इसमें कोई भूमिका क्यों नहीं निभाई? इतना बड़ा शांति समझौता हो रहा है, बेचारा आतंकी देश पाकिस्तान उसमें भूमिका निभा रहा है.
उन्होंने कहा कि भारत जैसे लोकतंत्र और क्षेत्रीय ताकत वाले देश को इस तरह के मुद्दों पर आगे आना चाहिए था। पाकिस्तान की भूमिका का जिक्र करते हुए उन्होंने तंज कसा कि एक तरफ आतंकवाद का समर्थन करने वाला देश और दूसरी तरफ भारत की मौन नीति।
कांग्रेस नेता ने कहा कि भारत को अपनी विदेश नीति में ज्यादा सक्रिय और स्वतंत्र रुख अपनाना चाहिए। अमेरिका-ईरान शांति प्रक्रिया में भारत की गैर-मौजूदगी को उन्होंने सरकार की कमजोरी के रूप में पेश किया।
श्रीनाते का बयान ऐसे समय आया है जब मध्य पूर्व में तनाव कम करने की कोशिशें चल रही हैं। कई देश इसमें शामिल हैं, लेकिन भारत की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।