NEET Paper Leak 2026 विवाद में रोजाना नए अपडेट सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में NTA की ओर से कहा गया कि किसी प्रकार का पेपर लीक हुआ ही नहीं। अगर सीबीआई के जांच में लीक की बात निकलती है तो उसे मान लिया जाएगा। इसपर अब कई विपक्षी पार्टियों ने NTA पर जुबानी हमला किया है।
NEET Paper Leak 2026 को लेकर सीबीआई जांच कर रही है। इस मामले में लगातर नए खुलासे हो रहे हैं। साथ ही कई गिरफ्तारियां भी इस मामले में की जा चुकी है। एक दिन पहले ही इस मामले में NTA के चेयरमैन सहित कई बड़े अधिकारी संसद की एक विशेष जांच कमेटी के सामने पेश हुए हैं। इस कमेटी की अध्यक्षता कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह कर रहे हैं। इस कमेटी के सामने NTA ने कहा कि किसी प्रकार पेपर लीक नहीं हुआ है। NTA ने कहा कि सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है। अगर सीबीआई को कुछ इस मामले में मिलता है तो माना जाएगा कि लीक हुआ था। NTA के इस बयान के बाद से देश की राजनीति गर्म हो गई है।
NTA के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह के बयान पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने कहा कि 2024 में भी ऐसी ही एक घटना हुई थी। लीक का मामला CBI के पास गया था। CBI ने कोर्ट से कहा कि और समय चाहिए। कोर्ट ने CBI को फटकार जरूर लगाई, लेकिन छात्रों के भविष्य के साथ बहुत बड़ा खिलवाड़ हुआ, और उनका समय और पैसा बर्बाद हो गया। उनकी उम्मीदें टूट गईं। पवन खेड़ा ने आगे जोड़ा कि अब फिर से वही हो रहा है। सरकार जान-बूझकर पहले गलतियां करती है, फिर खुद को क्लीन चिट दिलवा लेती है, और फिर लोगों का ध्यान किसी दूसरे मुद्दे की ओर भटका देती है।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के डायरेक्टर जनरल अभिषेक सिंह के बयान पर CPI के जनरल सेक्रेटरी डी. राजा ने कहा कि यह बहुत शर्मनाक है कि जो लोग सत्ता में हैं और जिनके पास अधिकार है, वे इस तरह की बातें करते हैं। उन्होंने आगे कहा कि कुछ सवाल लीक कैसे हुए? इसके लिए किसे जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए? इसने युवाओं की जिंदगी पर असर डाला है। ये लोग इतने असंवेदनशील हैं कि पूरे मामले को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। कोई यह कैसे कह सकता है कि सिर्फ कुछ सवाल लीक हुए, पूरा प्रश्न पत्र नहीं? डी. राजा ने आगे जोड़ा कि क्या उन्हें लगता है कि लोग समझते नहीं हैं। हमें युवाओं, खासकर छात्रों की भावनाओं को समझना चाहिए। इस तरह के बयानों से युवाओं में और ज्यादा गुस्सा भड़केगा।
पेपर लीक के सवाल पूछे जाने पर अधिकारी ने पेपर लीक होने से मना कर दिया। साथ ही यह भी कहा कि इस मामले की जांच सीबीआई कर रही है। अगर सीबीआई कहती है कि पेपर लीक हुआ है तो मान लेंगे की पेपर लीक हुआ था। कमेटी ने पूछा कि अगर पेपर लीक नहीं हुआ, तो फिर परीक्षा रद्द क्यों की गई और दोबारा क्यों हो रही है? इस सवाल के जवाब में कहा गया कि परीक्षा में कुछ गड़बड़ियां हुई थीं और छात्रों का भरोसा बनाए रखने के लिए इसे दोबारा कराना जरूरी था।