
Indore Tragedy: इंदौर में एक बहुत बड़ी घटना घटी है। वहां पीने का साफ पानी नहीं मिलने के कारण तबीयत खराब हो रही है। साथ ही कई लोगों की मौत हो गई है। इसके बाद ओवैसी ने सरकार पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। साथ ही भारत सरकार की विकसित भारत योजना पर भी सवाल खड़े किए हैं और तंज कसा है।
घटना के बाद मंत्री विजयवर्गीय मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी ली। साथ ही मीडिया द्वारा दूषित पानी पर सवाल पूछने से मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भड़क गए और अटपटा जवाब देने लगे। उन्होंने अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया और पत्रकार पर हमलावर हो गए। उन्होंने पत्रकार को कहा, "मुझसे नॉनसेंस सवाल मत पूछो। तू क्या… होकर आया है?" इसके बाद मामला और भी गंभीर हो गया। इसके बाद मंत्री के इस्तीफे तक की मांग की गई।
पत्रकारों से बात करते हुए AIMIM पार्टी के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने BJP पर निशाना साधा और कहा, "उन्हें सिर्फ मुसलमानों के खिलाफ बुलडोजर एक्शन की परवाह है। वे साफ पीने के पानी जैसी जरूरी चीजें भी नहीं दे सकते और खुद को विश्वगुरु कहते हैं। ऐसे लोगों को तो चुल्लू भर पानी में डूब मरना चाहिए।"
मध्यप्रदेश का इंदौर शहर देश का सबसे स्वच्छ शहर होने का खिताब जीत चुका है। इस उपलब्धि के बाद भी इंदौर शहर में दूषित पानी पीने के कारण कई लोगों की मौत हो गई है। दूषित पानी पीने से लोगों को उल्टी-दस्त की शिकायत होने लगी। इसके चलते अब तक 13 लोगों की मौत हो चुकी है। हालांकि मौत के आंकड़ों में स्थानीय लोगों, सरकार और अधिकारियों के बीच विरोधाभास बना हुआ है। इस हादसे के बाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने प्रदेश की भाजपा सरकार को जिम्मेदार ठहराया है।
इंदौर में दूषित पानी के कारण लोगों की मौत हो गई है। लोगों की मौत होने के बाद भी आंकड़ों में कन्फ्यूजन बना हुआ है। एक ओर स्थानीय लोगों का कहना है कि 13 लोगों की मौत हुई है, तो दूसरी ओर प्रशासन 4 लोगों की मौत की जानकारी दे रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले 8 दिन में 6 माह के बच्चे समेत 13 लोगों की मौत हुई है, जबकि प्रशासन का कहना है कि डायरिया से केवल 4 लोगों के मरने की पुष्टि हुई है।