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पाकिस्तान की बर्बरता आई सामने, कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में बेबस महिलाओं और बच्चों के साथ मारपीट, भारत ने किया कड़ा विरोध

PoJK Protest: पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में जारी विरोध प्रदर्शनों पर भारत ने पाकिस्तान को घेरा है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह पाकिस्तान के दशकों पुराने शोषण और मौलिक अधिकारों से वंचित रखने का परिणाम है।
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Jul 14, 2026
Pakistan Occupied Kashmir Latest Update
भारत ने कहा- महिलाओं और बच्चों पर भी अत्याचार कर रहा पाकिस्तान (इमेज सोर्स: ANI)

Pakistan Occupied Kashmir Latest Update: पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में जारी विरोध प्रदर्शनों को लेकर भारत ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने कहा कि वहां हो रहे प्रदर्शन पाकिस्तान की ओर से दशकों से किए जा रहे शोषण, लोगों के मौलिक अधिकारों से वंचित रखने और अवैध कब्जे का सीधा नतीजा हैं। भारत ने आरोप लगाया कि स्थानीय लोगों की मांगें सुनने के बजाय पाकिस्तान ने उनके साथ बुरा बर्ताव किया।

भारत ने पाकिस्तान पर लगाए गंभीर आरोप

नई दिल्ली में साप्ताहिक प्रेस वार्ता के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पीओजेके में जारी विरोध प्रदर्शन पाकिस्तान की ओर से दशकों से किए गए व्यवस्थित शोषण, मौलिक अधिकारों से वंचित रखने और अवैध कब्जे का सीधा परिणाम हैं।

महिलाओं और बच्चों पर भी हो रही ज्यादती

रणधीर जायसवाल ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान सरकार स्थानीय लोगों की शिकायतों का समाधान करने के बजाय अत्यधिक पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। उन्हें मारा-पीटा जाता है।

भारत ने यह भी आरोप लगाया कि पाकिस्तान ने खाद्य सामग्री और दवाइयों जैसी जरूरी आपूर्ति रोक दी है, इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी लगाई। निहत्थे और मासूम नागरिकों के खिलाफ गलत बल का इस्तेमाल किया, जिससे लोगों की मौतें हुई हैं। भारत को उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इन गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों के लिए पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराएगा।

कई सप्ताह से जारी हैं प्रदर्शन

बता दें पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर में पिछले कई सप्ताह से हजारों लोग सरकार विरोधी प्रदर्शन कर रहे हैं। शुरुआत में प्रदर्शनकारियों की मांगें महंगाई, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी थीं, लेकिन अब आंदोलन पाकिस्तान सरकार के खिलाफ बड़े विरोध में बदलता दिखाई दे रहा है।

हाल ही में रावलाकोट में एक सभा को संबोधित करते हुए प्रदर्शनकारी नेता जावेद इकबाल ने कहा कि 78 वर्षों तक लोगों को श्रीनगर की मुक्ति का प्रचार दिखाया गया, लेकिन अब लोग उस पर विश्वास नहीं कर रहे हैं।

उनका कहना था कि जब हम आटा मांगते हैं तो गोलियां मिलती हैं, बिजली मांगते हैं तो गोलियां मिलती हैं और पानी मांगते हैं तो भी गोलियां मिलती हैं। इस बीच जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी ने 15 जुलाई को मुजफ्फराबाद की ओर लॉन्ग मार्च निकालने का ऐलान किया है। संगठन ने पूरे क्षेत्र के लोगों से बड़ी संख्या में इस प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है।

Updated on:
14 Jul 2026 05:58 pm
Published on:
14 Jul 2026 05:58 pm