राष्ट्रीय

Pakistan Border Smuggling: तस्कर पंजाब के रास्ते भारत भेज रहे ड्रोन, हथियार और गोलाबारूद, एजेंसियों ने ​किया आतंकवाद के साथ तस्करी के जाल का खुलासा

Pakistan Border Terror Smuggling:पाकिस्तान के तस्कर सीमा पार से पंजाब के रास्ते तस्करी कर सेटेलाइट से कनेक्टेड ड्रोन, हथियार और गोलाबारूद भेज रहे हैं। श्भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने 400 पाकिस्तानी ड्रोन जब्त किए है।
3 min read
• •
Updated: 24 Jun 2026, 2:40 PM IST
Pakistan Border Terror Smuggling News
बीएसएफ पंजाब फ्रंटियर के जवान पाकिस्तान से आया ड्रोन दिखाते हुए। (फोटो:IANS)

Pakistan Border Terror Smuggling to India Via Punjab: पाकिस्तान के तस्कर सीमा पार से पंजाब के रास्ते तस्करी कर सेटेलाइट से कनेक्टेड ड्रोन, हथियार और गोलाबारूद भेज रहे हैं। भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने इस आशय का खुलासा किया है। इसमें आईएसआई,आतंककारियों और तस्करों के गठजोड़ के बारे में पता चला है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार पाकिस्तान स्थित नशीले पदार्थों के तस्करों ने पिछले छह महीनों के दौरान,बड़ी संख्या में ड्रोन भेजे हैं और सुरक्षा एजेंसियों ने कम से कम 400 ड्रोन जब्त करने में सफलता हासिल की है। तस्कर ड्रोन का उपयोग करके नशीले पदार्थ और हथियार भेज रहे हैं, जिनमें उन्हें ऑपरेशन की वास्तविक समय की जानकारी प्रदान करने की क्षमता है।

कई ड्रोन मार गिराने करने के बाद यह बढ़ोतरी हुई

एक अधिकारी ने बताया कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की ओर से तस्करों की ओर से इस्तेमाल किए जा रहे कई ड्रोन को मार गिराने या उनका पीछा करने के बाद यह बढ़ोतरी की गई है। इन अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तानी गुप्तचर एजेंसी आईसएसआई की निगरानी में ये सब चीजें मुख्य रूप से स्थानीय गैंगस्टरों और खालिस्तान आंदोलन के पैरोकारों के लिए भारत भेजी जा रही हैं।

ड्रोन से हथियार और गोला-बारूद भी भेजे जा रहे

एजेंसियों के अधिकारियों का कहना है कि मामला केवल नशीले पदार्थों तक ही सीमित नहीं है। इन ड्रोनों का इस्तेमाल हथियार और गोला-बारूद भेजने के लिए भी किया जा रहा है। ड्रोनों के जरिए पंजाब में भेजी जा रही पिस्तौल और असॉल्ट राइफलों की संख्या में वृद्धि हुई है। ध्यान रहे कि भारत की ओर से मादक पदार्थों के गिरोहों पर कसी की जा रही नकेल के बीच, सीमा पार से आने वाले नशीले पदार्थों के तस्कर पंजाब की सीमा पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

ये छोटे ड्रोन छलावे के रूप में काम करते हैं

जानकारी के अनुसार भारत में बेहतर तकनीक के आने तक तस्करों की इस ड्रोन तकनीक से निपटना थोड़ा चुनौतीपूर्ण है, इसलिए पेलोड उठाने का काम सौंपे गए ऑपरेटरों का पता लगाना जरूरी हो गया है। कई मामलों में ये छोटे ड्रोन छलावे के रूप में काम करते हैं ताकि बेहतर तकनीक वाले ड्रोन घुसपैठ कर सकें और बड़े पेलोड गिरा सकें।

सीमा पार प्रौद्योगिकी में हो रही भारी वृद्धि से चिंता

गौरतलब है कि पंजाब में भारत-पाकिस्तान सीमा हमेशा से ही नशीले पदार्थों, हथियारों और गोला-बारूद की तस्करी के मामले में चिंता का विषय रही है। हालांकि, नई चिंता सीमा पार प्रौद्योगिकी में हो रही भारी वृद्धि है जिसे भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने महसूस किया है।

नए ड्रोन ऑपरेशन की लाइव वीडियो रिकॉर्डिंग करने में सक्षम

पंजाब में लॉन्च किए जा रहे नए ड्रोन ऑपरेशन की लाइव वीडियो रिकॉर्डिंग करने में सक्षम हैं। इससे तस्करों को भारतीय सुरक्षा बलों की गतिविधियों पर नजर रखने में मदद मिलती है। एक अधिकारी ने बताया कि इसके अलावा वे ड्रोन को इस तरह से संचालित कर सकते हैं कि उनका पता लगने से बचा जा सके।

तस्करों को भारतीय क्षेत्र में गहराई तक घुसपैठ में आसानी

इन नए ड्रोनों की एक और खासियत यह है कि ये सैटेलाइट से जुड़े हुए हैं। यह अतिरिक्त सुविधा तस्करों को भारतीय क्षेत्र में गहराई तक घुसपैठ करने में मदद करती है और साथ ही पकड़े जाने का खतरा भी कम करती है। खुफिया ब्यूरो के एक अधिकारी ने कहा कि उपग्रह आधारित ड्रोन का इस्तेमाल स्पष्ट रूप से पाकिस्तानी प्रतिष्ठान की संलिप्तता की ओर इशारा करता है।

तस्करों के पास वह तकनीक, जो केवल सरकार के पास

अधिकारी ने बताया कि तस्करों के पास वह तकनीक, जो केवल सरकार के पास उपलब्ध है और अब प्रतिष्ठान तस्करों को यह तकनीक मुहैया करा रहा है ताकि उनके ऑपरेशन त्रुटिरहित हों और उनकी सफलता दर शत प्रतिशत हो। ये नए ड्रोन, जो तकनीकी रूप से इतने उन्नत हैं, बीएसएफ के लिए चिंता का एक प्रमुख कारण बन गए हैं।

पंजाब में पाकिस्तान से आने वाले तस्करों का नेटवर्क मौजूद

पंजाब में पाकिस्तान से आने वाले तस्करों का एक बिग नेटवर्क मौजूद है। बड़ी संख्या में युवाओं को खेप लाने और उसे स्थानीय बाजारों में बेचने के लिए भर्ती किया गया है। अधिकारी ने बताया कि इस नेटवर्क का भंडाफोड़ करना जरूरी है क्योंकि इससे ड्रग तस्करों को मुश्किल होगी।

अत्याधुनिक ड्रोनों के साथ कम तकनीक वाले ड्रोन भी तैनात

अधिकारी ने यह बताया कि यदि प्रतिबंधित सामान को उठाने के लिए कोई मौजूद नहीं है, तो ड्रग्स गिराने के लिए अत्याधुनिक ड्रोन का उपयोग करने की पूरी प्रक्रिया व्यर्थ हो जाती है। अधिकारियों का कहना है कि इन अत्याधुनिक ड्रोनों के साथ-साथ कम तकनीक वाले ड्रोन भी तैनात किए जा रहे हैं।

Updated on:
24 Jun 2026, 2:40 PM IST
Published on: