
Lucknow Coaching Fire: राजधानी लखनऊ की तीन मंजिला इमारत में आग लगने से 15 लोगों की मौत हो गई जबकि कई अन्य घायल हो गए। इस हादसे के बाद किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के पोस्टमार्टम हाउस में मातम पसरा हुआ है। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजन फूट-फूटकर रो रहे है और अपने बच्चों को याद कर रहे है।
जिन 15 लोगों की मौत हुई थी, उसमें मृतकों में 23 वर्षीय गेम डिजाइनर सुखमनी सिंह भी शामिल है। मीडिया से बात करते हुए उनके पिता ने कहा कि दोपहर करीब 2 बजे बेटे ने फोन किया था। वह रोते हुए कह रहा था, पापा मुझे बचा लो। यहां से निकलने की कोई जगह नहीं है।
वहीं एक अन्य मृतक के परिजनों ने कहा कि उनके बेटे का दोपहर को कॉल आया था। उसने कहा कि चाची हम फंस गए हैं, किसी तरह हमें बचा लो। उनके रिश्तेदार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद तुरंत रवाना हो गए और दोपहर करीब 3 बजे घटनास्थल पर पहुंच गए थे।
इस दौरान परिजनों ने बचाव दल पर भी बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यदि बचाव दल समय पर बगल की छत से दीवार तोड़ने का फैसला लिया होता, तो कई लोगों की जान बच जाती। एक परिजन ने कहा कि हमारे सामने दीवार तोड़ी गई थी, उस समय भी बच्चे से बात हो रही थी।
घटना के बारे में जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि दोपहर करीब 2 बजे बेसमेंट में लगे एक एलईडी होर्डिंग में शॉर्ट सर्किट से आग लगी। कुछ ही समय में आग ने विकराल रूप ले लिया और बिल्डिंग में धुएं का गुबार भर गया। इमारत में एक ही प्रवेश द्वार होने के कारण लोग अंदर फंस गए।
वहीं हादसे के बाद प्रत्यक्षदर्शियों ने कहा कि कुछ लोगों ने जान बचाने के लिए बिजली के तारों के सहारे नीचे उतरने की कोशिश की। इसके अलावा कुछ लोगों ने बिल्डिंग से छलांग दी। इसको लेकर सोशल मीडिया पर भी कई वीडियो वायरल हो रहे हैं।
हादसे की जांच के लिए प्रदेश सरकार ने दो सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि भवन निर्माण नियमों के उल्लंघन और अग्नि सुरक्षा में लापरवाही के कारण यह हादसा इतना भयावह रूप कैसे ले सका।