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आम आदमी सिर्फ़ मरने के लिए पैदा हुआ है- लखनऊ में 15 जिंदगियां खाक होने पर भड़का लोगों का गुस्सा

Lucknow fire incident Reaction: लखनऊ अग्निकांड में 15 जिंदगियां खाक हो गई। इसके बाद लोगों का गुस्सा बाहर आ गया। एक्स पर लोगों ने नाराजगी जाहिर करते हुए तरह-तरह के बयान दिए हैं।
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लखनऊ

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Pushpankar Piyush

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Updated: 23 Jun 2026, 8:17 AM IST

fire in lucknow coaching centre

लखनऊ कोचिंग सेंटर अग्निकांड (फोटो- पत्रिका)

Lucknow fire incident: पहले दिल्ली, फिर बिहार और अब लखनऊ में हुए अग्निकांड ने लोगों को हिलाकर रख दिया है। लखनऊ में 15 जिंदगियां जलकर खाक हो गई। इस पर लोगों का गुस्सा भड़क उठा है। लोगों ने सरकार को निशाने पर लेते हुए सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दी है।

'इस देश में आम आदमी मरने के लिए पैदा लिया है'

एक्स पर पत्रकार हुमा नाज ने लिखा कि आम आदमी इस देश में सिर्फ मरने के लिए पैदा हुआ है सर, दिल्ली का होटल हो, बिहार का अस्पताल हो या अब लखनऊ का कोचिंग संस्थान आखिर फर्क ही क्या पड़ता है? अगर सच में फर्क पड़ता, तो शायद आज ये हादसे बार-बार न होते।

उन्होंने आगे लिखा कि हम ऐसे समाज में जी रहे हैं जहां इंसान की जान से ज्यादा जाति और धर्म के नाम पर होने वाली राजनीति मायने रखती है। सत्ता में बैठे लोगों को भी यह बात अच्छी तरह पता है, फिर वे जनता की सुरक्षा और ज़िंदगी की चिंता क्यों करेंगे? हादसा होगा, कुछ बयान आएंगे, टीवी पर घड़ियाली आंसू बहाए जाएंगे, पीआर का तंत्र सक्रिय हो जाएगा। जिनके बच्चे चले गए, उनकी दुनिया उजड़ जाएगी, लेकिन टीवी स्क्रीन पर कुछ लोगों को संवेदनशील और जिम्मेदार नायक की तरह पेश किया जाएगा। फिर यही जनता ताली बजाएगी, वाहवाही करेगी, और कुछ दिनों बाद अगली त्रासदी का इंतजार शुरू हो जाएगा। सवाल सिर्फ हादसे का नहीं है, सवाल उस व्यवस्था का है। जहां आम आदमी की जान की कीमत हर बार सबसे कम साबित होती है।

ये हादसा नहीं बल्कि आपराधिक कृत्य है

वरिष्ठ पत्रकार उमाशंकर ने एक्स पर लिखा कि लखनऊ में जो हुआ वह सिर्फ हादसा नहीं, बल्कि आपराधिक कृत्य है। उन्होंने आगे लिखा कि हादसे के बाद राजनेताओं का दौरा कैंसिल, मौक़े का मुआयना करना, घड़ियाली आंसू बहाना, ये सब कब तक चलता रहेगा?

कब सत्ता में बैठे नेता जिम्मेदारी तय कर कसूरवार की सजा जल्द सुनिश्चित करेंगे और कब ऐसा नजीर पेश करेंगे कि अगली बार फायर सेफ्टी नियमों को ताक पर रख निर्माण न हो और निर्माण के बाद भी उसका उचित रखरखाव हो रहा है या नहीं इसके लिए असरदार मैकेनिज्म तय करेंगे?

पता नहीं कब तक मासूम लोग ऐसे ही जान गंवाते रहेंगे

कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने घटना को लेकर एक्स पर लिखा कि लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में आग लगने की वजह से 14 लोगों की मृत्यु की खबर दुखदायी है। इनमें छात्र भी शामिल हैं। ईश्वर दिवंगत आत्माओं को शांति दे और शोक-संतप्त परिवारों को यह अपार दुख सहने की शक्ति दे। पता नहीं कब तक मासूम अपनी जान गंवाते रहेंगे। TV पर दिखाई जा रही खबरों के मुताबिक उचित व्यवस्था और स्वीकृति नहीं थी।

कांग्रेस नेता रागिनी नायक ने घटना को लेकर एक्स पर लिखा कि लखनऊ के एक कोचिंग सेंटर में लगी आग के कारण, छात्रों समेत 15 लोगों का झुलस के मर जाना, बहुत ही हृदय विदारक घटना है ! ठीक व्यवस्था और प्रबंध ना होने पर बिल्डिंग को स्वीकृति क्यों दी जाती है, ये सवाल बार-बार पूछा जाना चाहिए !

बेबस पिता! किसे दोष दे

एक्स यूजर वसीम अकरम त्यागी ने कहा कि बेबस पिता! किसे दोष दे? सरकार को? प्रशासन को? तकदीर को? किसे! लखनऊ में लाइब्रेरी/कोचिंग सेंटर में लगी आग में 15 छात्रों की जान चली गई। इस हादसे से हर कोई ग़मज़दा है। वो बच्चे अपनी ज़िंदगी को बेहतर बनाने के लिए, लाइब्रेरी में अध्ययन कर रहे थे, वो काल के ग्रास में समा गए। एक बेबस पिता सर पकड़ कर बैठा है। गला सूख गया है। परवरदिगार सभी पीड़ित परिवारों को इस सदमे से उबरने की ताक़त अता करे- आमीन!

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