
Parliament Monsoon Session 2026: संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई को शुरू होगा। इस सत्र को लेकर मोदी सरकार ने अपना एजेंडा तय कर लिया है। बताया जा रहा है कि लोकसभा में कई बिल पेश किए जाएंगे। इनमें जन्म और मृत्यु पंजीकरण को और अधिक सख्त बनाने वाला विधेयक, विदेशी चंदा विनियमन (FCRA) संशोधन विधेयक और सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने से जुड़ा विधेयक प्रमुख हैं।
हालांकि, सरकार के विधायी एजेंडे में फिलहाल डिलिमिटेशन पैकेज शामिल नहीं है। इसी पैकेज का हिस्सा 'नारी शक्ति अधिनियम' (महिला आरक्षण विधेयक) भी है। यह विधेयक पहले लोकसभा में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण पारित नहीं हो सका था।
वहीं इससे पहले अटकलें लगाई जा रही थी मोदी सरकार मानसून सत्र के दौरान परिसीमन बिल को सदन में दोबारा पेश कर सकती है। लेकिन इस बार यह विधेयक सदन में नहीं आएगा। बता दें कि लोकसभा चुनाव 2029 से पहले इस विधेयक को सदन में पास कराना बीजेपी का मुख्य एजेंडा माना जा रहा है। हालांकि माना जा रहा है कि सदन में एनडीए के पास दो-तिहाई बहुमत नहीं है, इसलिए सरकार फिलहाल इसको पेश नहीं कर रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस विधेयक को दोबारा आगे बढ़ाने के लिए पहले केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी आवश्यक होगी। इसके बाद ही इसे संसद में फिर से पेश किया जा सकेगा। भाजपा सूत्रों का कहना है कि इस मुद्दे पर शुक्रवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एनडीए नेताओं की बैठक में चर्चा हो सकती है।
सरकार विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम, 2010 में संशोधन करने वाला FCRA संशोधन विधेयक भी पारित कराने की कोशिश करेगी। दरअसल, इस विधेयक का उद्देश्य विदेशी फंडिंग और विदेशी आतिथ्य की स्वीकृति एवं उपयोग को और अधिक प्रभावी ढंग से नियंत्रित करना है, ताकि राष्ट्रीय हित, सार्वजनिक व्यवस्था और राष्ट्रीय सुरक्षा पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। यह विधेयक 25 मार्च को लोकसभा में पेश किया गया था और अब इसे विचार एवं पारित करने के लिए सूचीबद्ध किया गया है।
संसद के एजेंडे में 'विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक, 2025' भी शामिल है। यह विधेयक दिसंबर 2025 में लोकसभा में पेश होने के बाद संयुक्त संसदीय समिति (JPC) को भेजा गया था। अब 31 सदस्यीय समिति अपनी रिपोर्ट पेश करेगी, जिस पर सदन में चर्चा होगी।
सरकार जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम, 1969 (2023 संशोधन सहित) की धारा 13(3) में बदलाव का प्रस्ताव भी लाएगी। इसका उद्देश्य जन्म और मृत्यु के पंजीकरण संबंधी प्रावधानों को और अधिक सख्त एवं प्रभावी बनाना है।
मानसून सत्र में सुप्रीम कोर्ट (न्यायाधीशों की संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 भी पेश किया जाएगा। इसका उद्देश्य इस विषय पर पहले जारी अध्यादेश का स्थान लेना है।
सरकार आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026 भी लाएगी। इसके जरिए भारत के सरकारी ऋण (सॉवरेन डेट) बाजार को मजबूत करना, विदेशी निवेश आकर्षित करना और बाजार में तरलता बढ़ाना लक्ष्य है। सरकार का कहना है कि वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और सप्लाई चेन में व्यवधान जैसी परिस्थितियों को देखते हुए यह कदम जरूरी है।
मानसून सत्र के दौरान सरकार राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम (संशोधन) विधेयक, 2026 तथा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) विकास अधिनियम, 2006 में संशोधन से संबंधित विधेयक भी पेश करेगी। MSME कानून में प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य बदलते कारोबारी माहौल के अनुरूप कानून को अपडेट करना और कारोबार को और आसान बनाना है।