
Parliament Standing Committee: संसदीय स्टैंडिंग कमेटी ने मेटा (Meta) के CEO मार्क जुकरबर्ग से Facebook पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का वीडियो कुछ समय के लिए हटाए जाने के मामले में तीन दिन के भीतर बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है। कमेटी ने चेतावनी दी है कि यदि कंपनी ऐसा नहीं करती है, तो सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम के तहत उसे प्राप्त 'सेफ हार्बर इम्युनिटी' (सुरक्षा कवच) वापस लेने की सिफारिश की जा सकती है।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी सचिव एस. कृष्णन को लिखे पत्र में, भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की अध्यक्षता वाली इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संबंधी संसदीय स्टैंडिंग कमेटी ने कहा कि उसने Facebook से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो लगभग पांच से छह घंटे तक हटाए जाने की घटना को 'अत्यंत गंभीर' माना है। आईटी मंत्रालय और मेटा अधिकारियों के साथ 6 अगस्त को भी बैठक होगी।
मेटा के चीफ ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर जोएल कपलान मीटिंग के लिए पहुंचे थे। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय सचिव एस कृष्णन के साथ बैठक की थी। समाचार एजेंसी एएनआई के अनुसार, यह मीटिंग करीब 45 मिनट तक चली। इस बैठक में मेटा के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो अनजाने में हटाए जाने के कारणों की जानकारी दी।
संसदीय स्टैंडिंग कमेटी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो फेसबुक से हटाए जाने के मामले में मेटा टीम से पूछताछ की। समिति ने कहा है कि अगर तय समय में माफी नहीं मांगी गई, तो मेटा को आईटी कानून के तहत मिलने वाली कानूनी सुरक्षा और छूट वापस लेने के साथ ही कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।
पत्र में कहा गया है, कमेटी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस वीडियो को Facebook से पांच से छह घंटे तक हटाए जाने के मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है, जिसमें उन्होंने छात्रों और Gen Z (नई पीढ़ी) को परीक्षा से जुड़े विवादों तथा पेपर लीक के खिलाफ सख्त कार्रवाई के संबंध में संबोधित किया था।
कमेटी ने कहा कि पत्र प्राप्त होने के तीन दिन के भीतर मार्क जुकरबर्ग को बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं किया जाता है, तो सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 79(3) के तहत मेटा की 'सेफ हार्बर इम्युनिटी' वापस लेने तथा कंपनी के विरुद्ध एक प्रकाशक (Publisher) के रूप में कार्रवाई शुरू करने की सिफारिश की जाएगी।
इस बीच, मेटा की टीम, जिसका नेतृत्व ग्लोबल अफेयर्स ऑफिसर जोएल कपलान ने किया, ने इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय सचिव एस. कृष्णन से मुलाकात की। लगभग 45 मिनट तक चली इस बैठक में मेटा के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो अनजाने में हटाए जाने के कारणों की जानकारी दी।
स्टैंडिंग कमेटी की 5 और 6 अगस्त की मीटिंग में केवल पीएम मोदी की पोस्ट का मुद्दा ही नहीं है। मंत्रालय मेटा से वॉट्सऐप की नई यूजरनेम पॉलिसी और इंस्टाग्राम पर बच्चों से जुड़े आपत्तिजनक कंटेंट की मौजूदगी पर जारी किए गए पुराने नोटिस का भी ब्योरा और जवाब मांगा जाएगा।