
पंजाब में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले सामाजिक कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा का पार्थिव शरीर रविवार को चंडीगढ़ स्थित पीजीआई से मानसा पहुंचा। उनके अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में समर्थक और स्थानीय लोग एकत्रित हुए। इस दौरान निकाले गए जुलूस में समर्थकों ने उनके पार्थिव शरीर पर फूलों की वर्षा की और 'परविंदर झोटा अमर रहे' के नारे लगाए।
वहीं परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह ने अपने बेटे की हत्या के पीछे राजनीतिक नेताओं और पुलिस अधिकारियों की मिलीभगत का आरोप लगाया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच कराने के साथ ही मानसा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) का तत्काल तबादला करने की मांग की।
भीम सिंह ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार, स्थानीय पुलिस प्रशासन और नशा तस्करों की मिलीभगत से उनके बेटे की हत्या की साजिश रची गई। उन्होंने कहा कि घटना को 28 दिन बीत जाने के बावजूद असली साजिशकर्ता और कथित तौर पर इसमें शामिल प्रभावशाली लोग अब भी खुलेआम घूम रहे हैं।
इस दौरान उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय और केंद्रीय गृह मंत्री से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील की। साथ ही आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी के राजनीतिक नेता संबंधित पुलिस अधिकारी को संरक्षण दे रहे हैं, जिसके कारण अब तक SSP का तबादला नहीं किया गया है।
भीम सिंह ने कहा कि जब तक मामले की पूरी जांच नहीं होती और कथित राजनीतिक साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार कर जेल नहीं भेजा जाता, तब तक परिवार को न्याय नहीं मिलेगा।
झोटा के अंतिम संस्कार की तैयारियों के दौरान परिवार के सदस्यों ने उन्हें नशे के खिलाफ लड़ाई लड़ने वाला योद्धा बताया। परिवार का कहना है कि उन्होंने समाज और पंजाब के युवाओं को नशे से बचाने के लिए संघर्ष किया और इसी लड़ाई में अपनी जान गंवा दी।
परिवार के एक सदस्य ने कहा कि आमतौर पर किसी के निधन पर शोक मनाया जाता है, लेकिन वे झोटा को एक योद्धा के रूप में देख रहे हैं। उनके बलिदान को समाज के लिए प्रेरणा बताया।
वहीं, रिश्तेदार जसपाल ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से झोटा को शहीद का दर्जा दिए जाने के सम्मान में उनके पार्थिव शरीर पर फूल बरसाए जा रहे हैं। उन्होंने सिख गुरुओं के बलिदान का उल्लेख करते हुए कहा कि झोटा के संघर्ष से भी पंजाब के युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए।