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MEA on Passport: पासपोर्ट सेवाओं में विस्तार, 27 देशों में फ्री वीजा एंट्री, 66 देशों में E-Visa की सुविधा

भारत ने Passport सेवाओं में बड़ा सुधार किया है। अब 27 देशों में वीजा फ्री एंट्री, 47 में वीजा ऑन अराइवल और 66 देशों में ई-वीजा सुविधा उपलब्ध हैं।
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Updated: 24 Jun 2026, 9:31 PM IST
Passport
पासपोर्ट सेवा दिवस

Passport Seva Divas: भारत में पासपोर्ट बनवाने और उससे जुड़ी सेवाओं को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पिछले एक दशक में देशभर में पासपोर्ट (Passport) केंद्रों की संख्या करीब छह गुना बढ़ गई है। विदेश मंत्रालय के अधिकारी के मुताबिक, जहां 10 साल पहले केवल 77 पासपोर्ट केंद्र थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 545 हो गई है।

14वें पासपोर्ट सेवा दिवस के मौके पर सरकार ने पासपोर्ट सेवाओं के विस्तार और डिजिटल बदलाव की जानकारी साझा की। मंत्रालय के अनुसार, साल 2025 में कुल 1.5 करोड़ पासपोर्ट और इससे जुड़ी सेवाएं लोगों को उपलब्ध कराई गईं। इनमें अकेले 1.39 करोड़ पासपोर्ट जारी किए गए।

पहले के मुकाबले आसान हुई पासपोर्ट सेवाएं

विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने बताया ने कि पासपोर्ट प्रक्रिया को पहले के मुकाबले काफी आसान बनाया गया है। पुलिस सत्यापन को छोड़कर पासपोर्ट से जुड़ी प्रक्रिया पूरी करने में अब करीब 6 दिन का समय लगता हैं। उन्होंने बताया कि पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK) और पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट सेवा केंद्र (POPSK) पर लोगों को अब 45 मिनट से भी कम समय में सेवाएं मिल रही हैं। अधिकारी ने कहा कि हमने पिछले साल 10 POPSK खोले थे और इस साल 10 और खोले जाएंगे।

भारतीय यात्रियों के लिए बढ़े वीजा विकल्प

विदेश यात्रा करने वाले भारतीयों के लिए भी सुविधाओं में बढ़ोतरी हुई है। विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि अब 27 देशों में भारतीयों को वीजा फ्री एंट्री की सुविधा मिल रही है। साल 2019 में यह संख्या 16 थी। इसके अलावा 47 देश भारतीय नागरिकों को वीजा ऑन अराइवल (Visa on Arrival) की सुविधा देते हैं, जबकि 66 देशों में भारतीयों के लिए ई-वीजा की व्यवस्था उपलब्ध है।

PSP V2.0 और GPSP V2.0 लागू

पासपोर्ट सेवा दिवस के मौके पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पासपोर्ट सेवाओं को लेकर सरकार की उपलब्धियों को बताया। उन्होंने कहा कि मंत्रालय लोगों को बेहतर, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित सेवाएं देने के लिए लगातार काम कर रहा है।

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा संदेश में कहा कि यह दिन पासपोर्ट अधिनियम 1967 की वर्षगांठ को याद करने का अवसर है और भारत की आधुनिक पासपोर्ट व्यवस्था की यात्रा को दिखाता है। उन्होंने बताया कि विदेश मंत्रालय ने डिजिटल क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इसमें घरेलू स्तर पर अपग्रेडेड पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम (PSP V2.0) और विदेशों में भारतीय दूतावासों के लिए ग्लोबल पासपोर्ट सेवा कार्यक्रम (GPSP V2.0) शामिल हैं।

ई-पासपोर्ट से बढ़ेगी सुरक्षा

विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत ने चिप आधारित ई-पासपोर्ट की शुरुआत भी की है। यह अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों के अनुसार तैयार किए गए हैं और इनमें बेहतर पहचान और सुरक्षा की सुविधा मौजूद है। मंत्रालय ने यह भी स्पष्ट किया कि पासपोर्ट मुख्य रूप से यात्रा से जुड़ा दस्तावेज है, यह नागरिकता का प्रमाण नहीं होता।

Updated on:
24 Jun 2026, 9:31 PM IST
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