
AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल (File Photo- Patrika)
Kejriwal Trump Attack: ओमान के पास समुद्री मार्ग में अमेरिकी कार्रवाई के दौरान तीन भारतीय नाविकों की मौत के बाद देश में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोलते हुए उन्हें भारतीयों की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया। वहीं, कांग्रेस ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी और केंद्र सरकार के रुख पर सवाल उठाए हैं, जिससे यह मामला अब बड़ा राजनीतिक विवाद बन गया है।
अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में कहा, 'डोनाल्ड ट्रंप, आपको भारतीयों की जान जाने के लिए जिम्मेदार ठहराया जाएगा। आप एक कायर, बेरहम हत्यारे हैं। यह दुख की बात है कि PM मोदी चुप हैं, लेकिन जल्द ही, भारत को एक मजबूत प्रधानमंत्री मिलेगा जो आपको आपके गलत कामों की सजा देगा। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने अलग-अलग दिनों में ऐसे वाणिज्यिक जहाजों पर कार्रवाई की, जिन पर भारतीय नागरिक मौजूद थे। उनके मुताबिक तीन जहाजों में कुल 68 भारतीय सवार थे और इस पूरी घटना में तीन भारतीयों की जान चली गई।
केजरीवाल ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच हुई बातचीत का भी जिक्र किया। केजरीवाल ने कहा कि जब हमारे विदेश मंत्री ने उनके सेक्रेटरी ऑफ स्टेट मार्को रुबियो से बात की, तो अमेरिका ने हमें फिर से धमकी दी। उन्होंने 3 भारतीयों की मौत पर कोई अफसोस या दुख नहीं जताया। इसके बजाय, उन्होंने हमारे देश के विदेश मंत्री को धमकी दी और कहा कि अगर अमेरिका के आदेशों का पालन नहीं किया गया, तो हमें इसके नतीजे भुगतने होंगे।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि तीन भारतीय नाविकों की मौत के कई दिन बाद भी प्रधानमंत्री की ओर से कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया या शोक संदेश नहीं आया। खड़गे ने X पर लिखा, 'मैं भी उन तीन भारतीय नाविकों की मौत पर देश के साथ शोक व्यक्त करता हूं। खड़गे ने आरोप लगाया कि सरकार देश के राष्ट्रीय हितों और संप्रभुता से जुड़े सवालों पर कमजोर दिखाई दे रही है।
कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने भी अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा, कोई पछतावा नहीं, कोई अफसोस नहीं, कोई हमदर्दी नहीं, कोई सहानुभूति नहीं। अचानक, रूखा और झगड़ालू व्यवहार। तिवारी का कहना है कि किसी मित्र देश के साथ इस तरह की भाषा का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से बातचीत का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग भी की।
Updated on:
15 Jun 2026 06:54 pm
Published on:
15 Jun 2026 06:20 pm
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