
Pawan Khera: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भारत की GDP ग्रोथ को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार और उसके समर्थक अर्थव्यवस्था की तेज रफ्तार का दावा कर रहे हैं, लेकिन असली सवाल यह है कि इसका असर आम भारतीयों की रोजमर्रा की जिंदगी में क्यों नजर नहीं आ रहा है।
BRICS सम्मेलन को लेकर कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पवन खेड़ा ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी राय रखने और उसे सार्वजनिक करने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि सम्मेलन अभी शुरू ही हुआ है। ऐसे में इसके नतीजों को लेकर अभी कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। सम्मेलन खत्म होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि भारत को इससे क्या हासिल हुआ।
भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद के बयान पर पवन खेड़ा ने IMF के रुख को लेकर भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि नवंबर 2025 में जब IMF ने भारत की GDP की गणना के तरीके पर सवाल उठाए थे, तब भाजपा समर्थक खेमे ने संस्था की आलोचना को खारिज कर दिया था। खेड़ा का आरोप है कि अब वही IMF भारत की GDP ग्रोथ को सही मान रहा है तो भाजपा के लिए उसका रुख अचानक महत्वपूर्ण हो गया है। उन्होंने कहा कि GDP के आंकड़ों को लेकर सवाल सिर्फ IMF की टिप्पणी पर निर्भर नहीं हैं। उनका कहना था कि अगर देश की आर्थिक वृद्धि वास्तव में इतनी मजबूत है, तो उसका फायदा आम भारतीयों की रोजमर्रा की जिंदगी में भी दिखाई देना चाहिए। पवन खेड़ा ने कहा कि जब तक सरकार इन सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं देती, तब तक किसी बाहरी संस्था की तारीफ से ये सवाल खत्म नहीं हो जाते।
इस बीच, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की ओर से राहुल गांधी को लेकर दिए गए बयान पर कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने भी प्रतिक्रिया दी। सैलजा ने भाजपा और संघ पर लोगों को धर्म और जाति के नाम पर बांटने की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अब जनता इस राजनीति को समझ चुकी है और यह तरीका ज्यादा समय तक नहीं चलेगा।