
Pawan Khera Rajya Sabha: कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा की राजनीतिक तपस्या आखिरकार पूरी हो गई है। हाल ही में कांग्रेस ने राज्य सभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी की है। पार्टी ने पवन खेड़ा को कर्नाटक से राज्य सभा प्रत्याशी बनाया है। राज्य सभा प्रत्याशी बनाए जाने के बाद कांग्रेस नेता ने पार्टी नेतृत्व का आभार जताया है।
पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा- कर्नाटक जैसे खूबसूरत राज्य से राज्य सभा के लिए नामित होना मेरे लिए बेहद सम्मान और गर्व की बात है।
उन्होंने कहा कि मैं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी, राहुल गांधी, के.सी. वेणुगोपाल, प्रियंका गांधी और जयराम रमेश का हृदय से आभारी हूं। उन्होंने मुझ पर जो विश्वास जताया है और समय-समय पर जो मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और समर्थन दिया है, उसके लिए मैं उनका धन्यवाद करता हूं।
पवन खेड़ा ने कहा कि मुझे उम्मीद है कि पार्टी नेतृत्व ने मुझ पर जो भरोसा और विश्वास जताया है, मैं उस पर खरा उतरूंगा। जहां तक उन लोगों का सवाल है जो मेरी इस उपलब्धि को मेरी ‘तपस्या’ का समापन बता रहे हैं, उनसे मैं सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि मेरी यात्रा अभी खत्म नहीं हुई है। मेरी ‘तपस्या’ वास्तव में उस दिन पूरी होगी, जब राहुल गांधी 2029 में प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे।
दरअसल, साल 2022 में राजस्थान से राज्य सभा का टिकट नहीं मिलने के बाद पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। उन्होंने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि 'शायद मेरी तपस्या में कुछ कमी रह गई।'
इसके बाद कई बार अटकलें लगाई जाने लगी कि पवन खेड़ा को राज्य सभा भेजा जा सकता है। आखिरकार 2026 में पवन खेड़ा को पार्टी ने बड़ा इनाम देते हुए राज्य सभा भेजने का फैसला किया है।
बता दें कि पवन खेड़ा का राजनीतिक सफर दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के साथ जुड़ा रहा है। दीक्षित के कार्यकाल में वे उनके पॉलिटिकल सेक्रेटरी के रूप में काम कर चुके हैं। उन्होंने 1998 में शीला दीक्षित के मुख्यमंत्री बनने के बाद यह जिम्मेदारी संभाली और 2013 तक उनके साथ काम किया। शीला दीक्षित के नेतृत्व में दिल्ली के विकास, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक सुधारों की नीतियों को आकार देने में खेड़ा की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
दरअसल, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी की गुड बुक्स में पवन खेड़ा का नाम हैं। उन्हें कांग्रेस के प्रति काफी वफादार माना जाता है। टीवी डिबेट से लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस तक कई बार पवन खेड़ा ने मोदी सरकार को घेरा है। वे लगातार बीजेपी और पीएम मोदी के खिलाफ आक्रमक रुख अपनाए हुए हैं। इसी की परिणाम है कि कांग्रेस ने पवन खेड़ा को राज्य सभा भेजना का फैसला लिया है।