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पाकिस्तान PM शहबाज शरीफ के UN बयान पर पवन खेड़ा बोले- ‘कश्मीर उनके लिए राजनीतिक मुद्दा, हमारे लिए भावनात्मक’

Pakistan PM Shehbaz Sharif: कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने पाकिस्तान PM शहबाज शरीफ के UN में कश्मीर और सिंधु जल संधि पर दिए बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि कश्मीर भारत के लिए भावनात्मक मुद्दा है और CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर भी जल्द स्थिति स्पष्ट होने की बात कही।
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Pakistan PM Shehbaz Sharif
पाकिस्तान PM शहबाज शरीफ के UN बयान पर पवन खेड़ा का जवाब, फोटो सोर्स- ANI

Pawan Khera on Kashmir Issue; पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की ओर से संयुक्त राष्ट्र महासभा में कश्मीर और सिंधु जल संधि को लेकर दिए गए बयान पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कश्मीर पाकिस्तान के लिए राजनीतिक मुद्दा हो सकता है, लेकिन भारत के लिए यह भावनात्मक मुद्दा है। उन्होंने कहा कि शहबाज शरीफ कश्मीर को लेकर कुछ भी कहें, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता।

शहबाज शरीफ के कश्मीर को पाकिस्तान की 'जुगुलर वेन' यानी जीवन रेखा बताए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए पवन खेड़ा ने कहा, कि कश्मीर उनके लिए राजनीतिक मुद्दा हो सकता है, लेकिन हमारे लिए यह भावनात्मक मुद्दा है। बीजेपी के लिए कश्मीर सिर्फ कश्मीर है, लेकिन हमारे लिए कश्मीर का मतलब कश्मीर के लोग भी हैं। वे हमारे दिल में रहते हैं। इसलिए शहबाज शरीफ को जो कहना है, कहने दीजिए। इससे क्या फर्क पड़ता है?

सिंधु जल संधि पर भी दिया जवाब

पाकिस्तान की ओर से सिंधु नदी के पानी को रोकने या उसका रुख बदलने की किसी भी कोशिश को 'युद्ध की कार्रवाई' मानने की चेतावनी पर भी खेड़ा ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पाकिस्तान पर लंबे समय से भारत के खिलाफ 'युद्ध' चलाने का आरोप लगाया। खेड़ा ने कहा, 'पाकिस्तान वर्षों से हमारे खिलाफ जो युद्ध कर रहा है, उसके बारे में आप क्या कहेंगे? अब ट्रंप मुनीर को डिनर पर बुला सकते हैं और दोनों एक-दूसरे की तारीफ कर सकते हैं। हमें अपनी विदेश नीति पर ध्यान देना चाहिए और दूसरों को अपना काम करने देना चाहिए।'

शहबाज शरीफ ने UN में कश्मीर का मुद्दा उठाया

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के दौरान कश्मीर मुद्दे को फिर उठाया। उन्होंने कश्मीर को पाकिस्तान की 'जुगुलर वेन' बताते हुए इस विवाद के 'न्यायपूर्ण और निष्पक्ष समाधान' की मांग की। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से कश्मीर को लेकर जनमत संग्रह की अपनी मांग दोहराई और भारत पर गंभीर आरोप लगाए। शहबाज शरीफ ने सिंधु नदी प्रणाली को पाकिस्तान के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए भारत की ओर से सिंधु जल संधि को निलंबित रखने के फैसले पर भी सवाल उठाया।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकने, बाधित करने या उसका रुख बदलने की किसी भी कोशिश को पाकिस्तान 'युद्ध की कार्रवाई' मानेगा। भारत ने पाकिस्तान की ओर से कश्मीर को लेकर संयुक्त राष्ट्र में किए जाने वाले दावों को लगातार खारिज किया है। भारत का कहना है कि जम्मू-कश्मीर देश का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। भारत ने सिंधु जल संधि को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया है। भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के आतंकवाद को समर्थन देने का हवाला देते हुए संधि को फिलहाल स्थगित रखने की बात कही है।

मई 2025 के संघर्ष पर भी शहबाज का दावा

शहबाज शरीफ ने मई 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य संघर्ष का जिक्र करते हुए इसे पाकिस्तान की 'सफलता' बताया। उन्होंने संघर्ष रोकने में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हस्तक्षेप को भी श्रेय दिया। भारत ने इस दावे को खारिज किया है। भारत के अनुसार, ऑपरेशन सिंदूर के बाद दोनों देशों की सेनाओं के बीच सीधे संपर्क के जरिए संघर्ष विराम पर सहमति बनी थी।

CEC के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर भी बोले खेड़ा

पवन खेड़ा ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित महाभियोग प्रस्ताव को लेकर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर स्थिति स्पष्ट होगी। खेड़ा ने कहा कि आने वाले दिनों में आपको महाभियोग पर कुछ स्पष्टता दिखाई देगी। हम इस विषय पर एक और प्रयास करेंगे और जल्द ही आपको इसकी जानकारी देंगे। आने वाले दिनों में इसके जवाब मिल जाएंगे। उन्होंने चुनाव आयोग को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे 'वोट चोरी' के आरोप भी दोहराए और कहा कि देश में इस मुद्दे को लेकर चिंता है। हालांकि, ये आरोप कांग्रेस और विपक्षी नेताओं की ओर से लगाए गए हैं।

SIR को लेकर चुनाव आयोग पर विपक्ष के सवाल

विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। यह विवाद उस रिपोर्ट के बाद और बढ़ा, जिसमें 'द इंडियन एक्सप्रेस' ने दावा किया कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने 10 महीने के दौरान SIR से जुड़ी प्रक्रियाओं और फैसलों पर कम से कम 14 बार आपत्ति दर्ज की थी। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, शिवसेना (UBT) और वाम दलों ने चुनाव आयोग से जवाबदेही की मांग की है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी कई राज्यों में आयोग के कामकाज और SIR प्रक्रिया को लेकर प्रदर्शन किए हैं।

वहीं, बीजेपी ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें चुनावी हार से ध्यान भटकाने की कोशिश बताया है। चुनाव आयोग का कहना है कि बहुसदस्यीय संवैधानिक संस्था में आंतरिक नोट, लिखित सवाल और सुझाव सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा हैं। आयोग ने यह भी कहा है कि SIR से जुड़े सभी अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।

Updated on:
26 Sept 2026 01:19 pm
Published on:
26 Sept 2026 01:16 pm