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Sonia Gandhi Book : सोनिया गांधी की किताब नहीं छापेगा पेंगुइन इंडिया, प्रकाशक ने मांगे थे बदलाव; लेखिका ने किया इनकार

Sonia Gandhi Book Update: सोनिया गांधी की बहुप्रतीक्षित संस्मरण पुस्तक ‘Belonging: A Journey of Love’ को पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया अब भारत में प्रकाशित नहीं करेगा। सूत्रों के मुताबिक, प्रकाशक ने पांडुलिपि के एक हिस्से में बदलाव और कुछ अंश हटाने का सुझाव दिया था, जिसे सोनिया गांधी ने स्वीकार नहीं किया।
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Aug 28, 2026
Sonia Gandhi Book
Sonia Gandhi Book (Photo-X/@RahulGandhi)

Sonia Gandhi Book : नई दिल्ली। कांग्रेस नेता सोनिया गांधी की बहुप्रतीक्षित संस्मरण पुस्तक 'बिलॉन्गिंग: ए जर्नी ऑफ लव' (Belonging: A Journey of Love) को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। पुस्तक का भारत में प्रकाशन करने की तैयारी कर रहा पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया (PRHI) अब इसे प्रकाशित नहीं करेगा। द इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पेंगुइन इंडिया ने पांडुलिपि के एक हिस्से में कुछ संपादकीय बदलाव और अंश हटाने का सुझाव दिया था, जिसे सोनिया गांधी ने स्वीकार नहीं किया। पेंगुइन इंडिया द्वारा मना करने के बाद अब कई दूसरे प्रकाशक इस पुस्तक को प्रकाशित करने की दौड़ में हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, हार्पर कॉलिन्स इंडिया पुस्तक के भारत में प्रकाशन और वितरण के लिए समझौते को अंतिम रूप देने के करीब है।

10 नवंबर को रिलीज होगी किताब

सोनिया गांधी की इस पुस्तक के प्रकाशन की घोषणा सबसे पहले अमरीका स्थित अल्फ्रेड ए. नॉफ ने की थी, जो पेंगुइन रैंडम हाउस की ही एक इकाई है। पुस्तक का विमोचन 10 नवंबर को प्रस्तावित है। नॉफ ने पुस्तक का पहला प्रिंट रन एक लाख प्रतियां रखने की भी घोषणा की थी।

इस किताब में क्या है?

सोनिया गांधी इससे पहले भी कई पुस्तकों की लेखिका और संपादक रह चुकी हैं। हालांकि, इस पुस्तक पर काम कर चुके लोगों के अनुसार, किताब में उनके जीवन का सबसे निजी और निर्णायक लेखा-जोखा है। नॉफ ने इसे दुनिया की प्रमुख महिला नेताओं में से एक की ऐसी संस्मरण पुस्तक बताया है, जिसमें प्रेम, परिवार और भारत के बारे में एक बेहद दिलचस्प कहानी सामने आती है।

पुस्तक के बारे में सोनिया गांधी के हवाले से कहा गया है कि उनके परिवार को लेकर बहुत कुछ लिखा गया है, लेकिन उनके परिवार के सदस्यों की सोच, उनके फैसलों और मानवीय कमजोरियों की सच्चाई को बहुत कम कथाओं में जगह मिली है। उन्होंने कहा कि उनकी कहानी उन सामाजिक और राजनीतिक बदलावों को भी एक अलग नजरिए से सामने रखती है, जिन्हें उन्होंने छह दशकों के दौरान देखा है।

पेंगुइन इंडिया पहले भी विवादों में रहा

पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया इससे पहले भी कुछ चर्चित पुस्तकों के प्रकाशन को लेकर सुर्खियों में रह चुका है। इसी वर्ष कंपनी ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे की संस्मरण पुस्तक 'फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी' को लेकर कहा था कि उसने इसे प्रिंट नहीं किया है। हालांकि, राहुल गांधी ने संसद में इस पुस्तक की हार्ड कॉपी दिखाई थी।

जून में पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने चर्चित ग्राफिक उपन्यासकार जो सैको की मुजफ्फरनगर दंगों पर आधारित किताब 'द वंस एंड फ्यूचर रायट' का प्रकाशन भी रोक दिया था। उस समय पेंगुइन इंडिया के सीईओ गौरव श्रीनेज ने कहा था कि कानूनी जांच के दौरान प्रकाशक ने लेखक के सामने कुछ कंटेंट संबंधी मुद्दे उठाए थे। इनमें भारत की सीमाओं को गलत तरीके से दर्शाने वाला एक नक्शा भी शामिल था।

Updated on:
28 Aug 2026 09:40 am
Published on:
28 Aug 2026 09:40 am