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Petrol-Diesel Prices Hike: ‘हम बहुत परेशान है, कई जगहों पर डीजल भी नहीं दे रहे’, दाम बढ़ने पर लोगों ने सुनाई आपबीती

Petrol Diesel Rates: पेट्रोल-डीजल की कीमतों में 10 दिनों में चौथी बार बढ़ोतरी से आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। बढ़ती महंगाई और ईंधन के दामों को लेकर लोगों ने नाराजगी जताई।

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May 25, 2026
पेट्रोल-डीजल के दामों में फिर बढ़ोतरी (Photo-IANS)

Petrol-Diesel Prices Hike: सोमवार को सुबह-सुबह लोगों को महंगाई का बड़ा झटका लगा है। पेट्रोल-डीजल के दामों में लगातार इजाफा हो रहा है।इसी बीच 10 दिन में आज चौथी बार पेट्रोल-डीजल की कीमते बढ़ी है। पेट्रोल 2.61 रुपये और डीजल 2.71 रुपये महंगा हो गया है। पेट्रोल-डीजल के दामों में लागतार हो रही वृद्धि से लोगों को काफी परेशानी हो रही है।

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लोगों ने क्या-क्या कहा?

दिल्ली के एक पेट्रोल पंप पर व्यक्ति ने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दामों में इजाफा होने से हम बहुत परेशान है। कई जगहों पर तो डीजल भी नहीं मिल रहा है। इस पर बात होनी चाहिए। टैक्सी वालों को और दिक्कत होगी। डीजल का रेट कम होना चाहिए।

एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि आम आदमी के लिए यह मुश्किल है। इसका असर हर चीज पर पड़ता है। हम देखेंगे कि सरकार इस बारे में क्या कर सकती है। 

एक खरीदार ने कहा कि यह ठीक है। सरकार को देश को बचाने के लिए जो भी जरूरी हो, करना चाहिए। यह इजराइल युद्ध की वजह से है। 

जनपथ फ्यूलिंग स्टेशन पर एक कस्टमर ने कहा कि पिछले 4-5 दिनों से पेट्रोल की कीमतें हर रोज बढ़ रही हैं। मेरी रोज की कमाई  600-700 रुपये है और फिर भी मुझे पेट्रोल के लिए इतना ज्यादा पेमेंट करना पड़ रहा है। मैं सरकार से रिक्वेस्ट करना चाहता हूं कि वह फ्यूल की सही कीमतें तय करे और अपने फायदे के लिए आम आदमी को परेशान न करे।

नीति मार्ग पेट्रोल पंप पर एक ग्राहक ने कहा कि कीमतों में बढ़ोतरी का हम पर बहुत असर पड़ रहा है। इतनी महंगाई है लेकिन सैलरी नहीं बढ़ रही है। 

क्यों बढ़ रही कीमत

कीमतों में इस बढ़ोतरी की मुख्य वजह अमेरिका और ईरान के बीच जारी पश्चिम एशियाई तनाव को माना जा रहा है, जिसके चलते स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Hormuz Strait) बंद हो गया है। इससे वैश्विक कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई और अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गए।

ओएनजीसी की निदेशक (अन्वेषण) सुषमा रावत ने एएनआई से बातचीत में कहा कि पश्चिम एशिया के तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव बना हुआ है।

उन्होंने कहा कि जब भी शांति समझौते की कोई खबर आती है तो कच्चे तेल के दाम गिरने लगते हैं। लेकिन जैसे ही साफ होता है कि तुरंत समाधान संभव नहीं है, कीमतें फिर बढ़ जाती हैं।

रावत ने यह भी कहा कि भारत ने अब तक अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार बढ़ती कीमतों का पूरा बोझ आम उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ने दिया है।

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Published on:
25 May 2026 08:07 am
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