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मानसून सत्र के चौथे दिन संसद के मकर द्वार के बाहर विपक्षी नेताओं का हल्ला बोल, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े

CJP Jantar Mantar Protest: नीट पेपर लीक को लेकर सरकार चौतरफा घिरती जा रही है। एक तरह जहां जंतर मंतर पर प्रोटेस्ट जारी है, तो दूसरी तरफ विपक्ष संसद में सरकार को घेर रही है। पढ़ें पूरी खबर...
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संसद। (फाइल फोटो - IANS)

Opposition Demand Dharmendra Pradhan resignation: नीट पेपर लीक के मुद्दे को लेकर सड़क से लेकर संसद तक हंगामा बरपा हुआ है। पीएम नरेंद्र मोदी ने आज सुबह सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर छात्रों को भरोसा देने की कोशिश की। पीएम मोदी के इस पोस्ट पर विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने हमला बोला है। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी नेताओं ने मकर द्वारा पर जमकर नारेबाजी की। वहीं, भारी हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई है।

लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने लिखा कि देश के युवाओं का सबसे ज्यादा नुकसान खुद मोदी सरकार ने किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को पूरी तरह तबाह होने दिया गया और इसके जिम्मेदार हर व्यक्ति को बचाया गया। राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तुरंत बर्खास्त करने और छात्रों से माफी मांगने की मांग दोहराई।

मकर द्वारा पर सोनिया के नेतृत्व में प्रदर्शन

गुरुवार को संसद भवन परिसर में मकर द्वार के पास विपक्षी सांसदों ने प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी भी शामिल हुईं। विपक्ष लगातार शिक्षा मंत्री प्रधान की बर्खास्तगी की मांग पर अड़ा है। दूसरी ओर सत्तापक्ष के सांसदों ने टीएमसी सांसद कल्याण बैनर्जी के खिलाफ जवाबी प्रदर्शन किया। बैनर्जी को दो महिला सांसदों के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर सदन से सस्पेंड किया गया था।

पीएम मोदी बोले, फास्ट ट्रैक कोर्ट बनेंगे

इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने पहली बार इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी थी। एक्स पर पोस्ट करते हुए उन्होंने लिखा कि युवाओं के भविष्य से बढ़कर कुछ नहीं है और पेपर लीक में शामिल लोगों को सख्त और तेज सजा दिलाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाए जाएंगे। मोदी ने लिखा कि संबंधित अधिकारियों को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दे दिए गए हैं और जो भी युवाओं का भविष्य बिगाड़ने की कोशिश करेगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा।

जयराम ने नड्डा पर बोला हमला

जयराम रमेश ने कहा कि केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को बचकानी उंगली उठाने की राजनीति से आगे बढ़ना चाहिए। उन्हें पहले शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अभूतपूर्व विफलताओं को स्वीकार करना चाहिए। कांग्रेस नेता ने कहा कि NTA की स्थापना मोदी सरकार ने विशेष रूप से परीक्षाएं आयोजित कराने के लिए की थी। मोदी सरकार ने जानबूझकर परीक्षा प्रणाली का केंद्रीकरण किया, उसे NTA के माध्यम से संचालित किया और विश्वविद्यालयों व राज्यों पर इसे अपनाने का दबाव बनाया। पहले से मौजूद व्यवस्था को खत्म करके NTA को खड़ा किया गया।

इसके बाद NTA लगातार पूरी तरह कॉम्प्रोमाइज और अपने दायित्वों का निर्वहन करने में पूरी तरह अक्षम साबित हुई। अपनी स्थापना के बाद से अब तक इसके कार्यकाल में कम-से-कम 9 बार पेपर लीक हुए हैं। इनमें 2024 की वे घटनाएं भी शामिल हैं, जब अनियमितताओं के कारण NTA को कई परीक्षाएं रद्द करनी पड़ी थीं।