
PM Modi Abuse Controversy Case: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जंतर-मंतर पर आपत्तिजनक नारे और गाली-गलौज के मामले पर योग गुरु स्वामी रामदेव ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि विरोध करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन गलत भाषा का इस्तेमाल समस्या का समाधान नहीं है।
उन्होंने देश के युवाओं से अपील की कि वे गाली-गलौज से दूर रहें और अपनी स्किल बढ़ाने पर ध्यान दें। योग गुरु ने आगे कहा- युवाओं को गालीबाज नहीं, हुनरबाज बनना चाहिए।
स्वामी रामदेव ने कहा कि देश में कई व्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत है। खासकर पॉलिटिकल सिस्टम, एजुकेशन सिस्टम और मेडिकल सिस्टम में। इन सभी में कई कमियां हैं। इसे दूर करने की जरूरत है। आप विरोध करिए लेकिन तरीका सही होना चाहिए। सड़कों पर हंगामा करना, तोड़फोड़ करना या किसी के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल करना देश के हित में नहीं है। हर किसी का लक्ष्य विकसित भारत बनाना होना चाहिए। इसके लिए सकारात्मक सोच और मेहनत की जरूरत है। केवल विरोध करने से बदलाव नहीं आएगा।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर चल रही मांगों पर भी बाबा रामदेव ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि एजुकेशन मिनिस्टर को बदलने से एजुकेशन सिस्टम में कोई खास बदलाव नहीं आएगा। असली बदलाव नीतियों, मेहनत और बेहतर व्यवस्था से आएगा। सरकार को जवाबदेह जरूर होना चाहिए, लेकिन केवल किसी एक व्यक्ति को हटाने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा।
बीती रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस मामले पर एक वीडियो संदेश जारी किया था। उन्होंने कहा था कि गाली-गलौज से किसी समस्या का समाधान नहीं निकलता। पीएम मोदी ने कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से और उनकी दिवंगत मां को लेकर भी आपत्तिजनक शब्दों का सामना करना पड़ा। जिससे वह काफी आहात हुए, लेकिन साथ ही युवाओं को माफ करने और उन्हें सही दिशा दिखाने की बात कही। उन्होंने कहा कि बच्चे देश का भविष्य हैं। गलतियों से सीखकर आगे बढ़ना जरूरी है। उन्होंने इन सब चीजों के लिए माफ कर दिया है।