विदेश मंत्रालय ने कहा कि मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) और टैरिफ मुद्दों को लेकर नई दिल्ली-वाशिंगटन के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से आठ बार बात की है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 500 प्रतिशत टैरिफ लगाने की धमकी दी है। बुधवार को अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 500 फीसदी टैरिफ लगाने वाले बिल को मंजूरी दी है। इस बिल को पेश किए जाने के दूसरे दिन भारत ने अमेरिका को करारा जवाब दिया है। भारत सरकार ने साफ किया है कि बदलते ग्लोबल मार्केट हालात के बीच वह अपने 1.4 अरब लोगों के लिए किफायती ऊर्जा हासिल करने की जरूरत से निर्देशित है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शुक्रवार को कहा कि मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) और टैरिफ मुद्दों को लेकर नई दिल्ली-वाशिंगटन के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2025 में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से आठ बार बात की है।
हालांकि ये टिप्पणियां सीधे तौर पर अमेरिकी वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लटनिक के इस दावे के जवाब में नहीं थीं कि अमेरिका-भारत मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) वार्ता इसलिए रुक गई क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रम्प को फोन नहीं किया, लेकिन ऐसा प्रतीत होता है कि ये टिप्पणियां उन्हीं के संदर्भ में की गई थीं।
विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी कांग्रेस में बिल पर कहा है कि हमें प्रस्तावित बिल के बारे में पता है। हम घटनाक्रम पर करीब से नज़र रख रहे हैं। एनर्जी सोर्सिंग के बड़े सवाल पर हमारा रुख जगजाहिर है। इस कोशिश में, हम ग्लोबल मार्केट के बदलते हालात और अपने 1.4 अरब लोगों की एनर्जी सुरक्षा ज़रूरतों को पूरा करने के लिए अलग-अलग सोर्स से सस्ती एनर्जी हासिल करने की ज़रूरत से गाइड होते हैं।
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि हम चरमपंथियों द्वारा अल्पसंख्यकों के साथ-साथ उनके घरों और बिजनेस पर बार-बार होने वाले हमलों का परेशान करने वाला पैटर्न देख रहे हैं। ऐसी सांप्रदायिक घटनाओं से तेजी से और सख्ती से निपटा जाना चाहिए। हमने ऐसी घटनाओं को निजी दुश्मनी, राजनीतिक मतभेदों या बाहरी कारणों से जोड़ने की एक परेशान करने वाली प्रवृत्ति देखी है। ऐसी अनदेखी करने से अपराधियों का हौसला बढ़ता है और अल्पसंख्यकों के बीच डर और असुरक्षा की भावना गहरी होती है।