
Sanjay Singh on PM Modi: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा युवाओं को लेकर की गई 'दिमागी नक्सल' टिप्पणी पर आम आदमी पार्टी सांसद संजय सिंह ने पलटवार किया है। उन्होंने पेपर लीक, रोजगार और स्कूलों की बदहाली को लेकर आवाज उठाने वाले युवाओं और बच्चों का बचाव किया है। संजय सिंह ने सवाल किया कि क्या अपने हक और बेहतर शिक्षा के लिए आवाज उठाने वाले युवा और बच्चे भी 'दिमागी नक्सल' हैं?
संजय सिंह ने कहा कि देश के युवा और Gen Z अपने मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। अब Gen Alpha के बच्चे भी अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन युवाओं की मांग है कि पेपर लीक बंद हो, रोजगार मिले और शिक्षा व्यवस्था बेहतर हो। उन्होंने सवाल किया कि जो युवा सरकार से पेपर लीक रोकने और रोजगार देने की मांग कर रहे हैं उन्हें दिमागी नक्सल कैसे कहा जा सकता है।
संजय सिंह ने कहा कि छोटे बच्चे भी स्कूलों की खराब हालत को लेकर सवाल उठा रहे हैं। वे स्कूलों की टूटी छत, बैठने की जगह और मिड-डे मील जैसी समस्याओं को सामने ला रहे हैं।
आप सांसद ने खास तौर पर स्कूल ठीक करो अभियान का जिक्र किया। उन्होंने इस अभियान से जुड़े युवाओं का समर्थन करते हुए कहा कि उन्हें डरने या पीछे हटने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि CJP से जुड़े युवा सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनके मुताबिक, युवाओं को अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाते रहना चाहिए।
संजय सिंह ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवाओं के आंदोलनों से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि देश के युवा, किसान और महिलाएं अब अपने मुद्दों को लेकर आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री पर आरोप लगाया कि वह युवाओं की आवाज को 'दिमागी नक्सल' जैसे शब्दों से संबोधित कर रहे हैं। संजय सिंह ने कहा कि देश का युवा अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहा है और इससे डरने की जरूरत नहीं है।
संजय सिंह ने अपने बयान में बीजेपी पर भी पलटवार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जो लोग युवाओं और स्कूलों से जुड़े मुद्दे उठाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हैं वही दिमागी नक्सल हैं। उन्होंने CJP सदस्य अब्दुल के पिता की मौत का भी जिक्र किया और बीजेपी से जुड़े लोगों पर गंभीर आरोप लगाए। साथ ही उन्होंने राजस्थान में CJP कार्यकर्ताओं के साथ कथित मारपीट का भी उल्लेख किया।
संजय सिंह ने कहा कि देश का युवा दिमागी नक्सल नहीं है। उनके मुताबिक, युवा अपने हक की आवाज उठा रहा है और आगे भी उठाता रहेगा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे डरें नहीं और अपने मुद्दों को लेकर शांतिपूर्वक आवाज उठाते रहें। उनके मुताबिक, पेपर लीक, रोजगार और शिक्षा जैसे सवालों पर युवाओं की आवाज को दबाया नहीं जा सकता है।