PM Modi: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अपमान को लेकर पीएम मोदी ने टीएमसी सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा कि एक नारी के अपमान, एक आदिवासी के अपमान के लिए देश कभी माफ नहीं करेगा।
President Draupadi Murmu Insult Controversy: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अपमान को लेकर अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ममता बनर्जी सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आज पूरा देश अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मना (International Women's Day) मना रहा है, लेकिन बीते कल शनिवार को टीएमसी सरकार ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का घोर अपमान किया। वह संथाल आदिवासी समाज के पारंपरिक उत्सव में शामिल होने के लिए बंगाल गई थीं, लेकिन टीएमसी सरकार ने उस कार्यक्रम से दूरी बना ली। उस पवित्र और महत्वपूर्ण कार्यक्रम का टीएमसी ने बहिष्कार किया। यह सिर्फ राष्ट्रपति का ही नहीं, बल्कि एक महिला और आदिवासी समाज के सम्मान का भी अपमान है। पश्चिम बंगाल की जागरूक जनता देश की जनता, आदिवासी समाज और देश की महिलाएं टीएमसी सरकार को कभी माफ नहीं करेगी।
इससे पहले पीएम मोदी ने महिला दिवस के मौके पर देश की महिलाओं को शुभकामनाएं भी दीं और कहा कि आज भारत में महिलाएं राजनीति, प्रशासन, खेल, विज्ञान और समाज सेवा जैसे हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रही हैं और देश के विकास में अहम भूमिका निभा रही हैं।
उन्होंने आगे कहा, "मैं पूरे देश की नारी शक्ति को आज महिला दिवस पर हृदय से बहुत-बहुत बधाई देता हूं और राष्ट्र के विकास में उनके असीमित योगदान के लिए ऋण स्वीकार करता हूं।"
पश्चिम बंगाल में विवाद तब शुरू हुआ जब 9वें इंटरनेशनल संथाली कॉन्क्लेव (International Santali Conclave) के कार्यक्रम का स्थान अचानक बदल दिया गया। इस सम्मेलन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शामिल होने वाली थीं, लेकिन कार्यक्रम में ममता बनर्जी और राज्य सरकार के कई मंत्री वहां मौजूद नहीं थे, जिससे राजनीतिक विवाद बढ़ गया।
पहले यह कार्यक्रम बिधाननगर में होना था, लेकिन बाद में भीड़ का कारण बताकर इसे सिलीगुड़ी के पास बागडोगरा एयरपोर्ट के नजदीक एक छोटे स्थान पर कर दिया गया। अधिकारियों के अनुसार यह बदलाव राष्ट्रपति को पसंद नहीं आया, क्योंकि दूर होने की वजह से कई स्थानीय लोग कार्यक्रम में नहीं पहुंच सके।
ऐसे में सभा को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी उनके लिए छोटी बहन जैसी हैं। उन्होंने हैरानी जताई कि वे कार्यक्रम में क्यों नहीं आईं और कहा कि वह भी बंगाल की बेटी हैं।
बता दें इससे पहले तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हालिया बयान पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा था कि पश्चिम बंगाल में आदिवासी (एसटी) समुदायों के लिए सरकार ने पिछले वर्षों में ठोस और मापने योग्य विकास कार्य किए हैं।
टीएमसी के आधिकारिक 'एक्स' हैंडल से जारी एक विस्तृत पोस्ट में पार्टी ने राष्ट्रपति को संबोधित करते हुए लिखा कि यह दुखद है कि राष्ट्रपति को यह गलतफहमी हुई है कि बंगाल में आदिवासी समुदायों के लिए कोई विकास नहीं हुआ। पार्टी ने सम्मानपूर्वक कई योजनाओं और आंकड़ों के जरिए अपनी उपलब्धियां गिनाईं।
पोस्ट में बताया गया कि 'लक्ष्मीर भंडार योजना' के तहत एसटी महिलाओं की मासिक वित्तीय सहायता 500 रुपए बढ़ाकर 1,700 रुपए प्रति माह (वार्षिक 20,400 रुपए) कर दी गई है। 2025-26 में सिखश्री स्कॉलरशिप के तहत 1,09,272 एसटी छात्रों को पढ़ाई के लिए सहायता प्रदान की गई। जय जोहार स्कीम के अंतर्गत 2,98,315 लाभार्थियों को मासिक 1,000 रुपए की पेंशन मिल रही है, जिससे आदिवासी परिवारों में आर्थिक सुरक्षा मजबूत हुई है।