PM Modi UAE Visit Outcome: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के UAE दौरे में भारत को बड़ा निवेश और रणनीतिक सहयोग मिला है। RBL बैंक, इंफ्रास्ट्रक्चर, ऊर्जा सुरक्षा, तेल भंडारण, रक्षा साझेदारी और टेक्नोलॉजी सेक्टर में दोनों देशों के बीच कई अहम समझौते हुए।
PM Modi UAE Visit Updates: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संयुक्त अरब अमीरात (UAE) दौरा भले ही बेहद कम समय का रहा, लेकिन इसके नतीजे रणनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक लिहाज से बेहद अहम माने जा रहे हैं। विदेश मंत्रालय ने इस यात्रा को कम समय का, लेकिन बड़े परिणाम वाला दौरा बताया है। पीएम मोदी ने UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान (MBZ) के साथ व्यापक बातचीत कर भारत-UAE व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने पर जोर दिया है।
दौरे के अंत में UAE राष्ट्रपति खुद एयरपोर्ट तक पीएम मोदी को विदा करने पहुंचे। दोनों नेताओं के बीच गर्मजोशी भरी मुलाकात और विदाई के दौरान हग डिप्लोमेसी भी चर्चा का केंद्र रही।
पीएम मोदी ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, “अपने भाई महामहिम शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ व्यापक चर्चा हुई। मुझे विश्वास है कि इस दौरे के नतीजे भारत-UAE दोस्ती को और मजबूत करेंगे तथा विकास और समृद्धि में योगदान देंगे।”
इस दौरे की सबसे बड़ी उपलब्धि UAE की ओर से भारत में 5 अरब डॉलर निवेश की घोषणा रही।
विशेषज्ञ इसे भारत-UAE आर्थिक रिश्तों में अब तक के सबसे बड़े निवेश पैकेजों में से एक मान रहे हैं।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य संकट के बीच ऊर्जा सुरक्षा दोनों देशों की बातचीत का सबसे अहम मुद्दा रहा है। इंडियन स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व्स लिमिटेड (ISPRL) और ADNOC के बीच रणनीतिक सहयोग समझौते पर सहमति बनी है।
इसके तहत भारत में UAE की तेल भंडारण हिस्सेदारी को बढ़ाकर 30 मिलियन बैरल तक पहुंचाने की योजना बनाई गई है। साथ ही भारत में रणनीतिक गैस भंडारण और लंबी अवधि के LPG सप्लाई समझौतों पर भी चर्चा हुई।
पीएम मोदी ने क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर देते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य में 'सुरक्षित और निर्बाध समुद्री आवाजाही' की आवश्यकता को बेहद महत्वपूर्ण बताया है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा के लिए अहम माना जाता है।
भारत और UAE ने रक्षा सहयोग को नई दिशा देने के लिए 'स्ट्रैटेजिक डिफेंस पार्टनरशिप फ्रेमवर्क' का स्वागत किया। इसका उद्देश्य रक्षा उत्पादन, समुद्री सुरक्षा, साइबर डिफेंस और रणनीतिक सहयोग को तेज करना है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव और समुद्री व्यापार मार्गों पर खतरे को देखते हुए इस समझौते को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दौरे के दौरान भारत के CDAC और UAE की G-42 कंपनी के बीच '8 एक्साफ्लॉप सुपर कंप्यूट क्लस्टर' को लेकर समझौता हुआ। इसे दोनों देशों के बीच टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सहयोग में बड़ा कदम माना जा रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इससे भारत की AI और सुपरकंप्यूटिंग क्षमता को नई मजबूती मिलेगी।
भारत और UAE ने 'वर्चुअल ट्रेड कॉरिडोर' MAITRI को भी ऑपरेशनल किया। यह डिजिटल प्लेटफॉर्म दोनों देशों के बीच कार्गो मूवमेंट को तेज करेगा और ट्रांजिट टाइम व लागत कम करने में मदद करेगा।
सरकार का मानना है कि इससे सप्लाई चेन नेटवर्क मजबूत होगा और व्यापारिक प्रक्रियाएं ज्यादा तेज और पारदर्शी बनेंगी।
बैठक के दौरान पीएम मोदी ने UAE पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और UAE की जनता तथा नेतृत्व के प्रति भारत की एकजुटता जताई। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया में स्थिरता, समुद्री सुरक्षा और कूटनीतिक समाधान की आवश्यकता पर भी चर्चा की।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने इस दौरे को 'अवधि में छोटा, लेकिन परिणामों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण' बताते हुए कहा कि यह यात्रा भारत-UAE संबंधों में नए अध्याय की शुरुआत साबित हो सकती है।
UAE दौरे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने अगले पड़ाव नीदरलैंड के लिए रवाना हो गए, जहां वह अपनी पांच देशों की यात्रा को आगे बढ़ाएंगे।