PM Security Breach पंजाब दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में हुई चूक मामले को लेकर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में एक बार फिर सुनवाई हुई। इस सुनवाई के दौरान कोर्ट ने अपना अहम फैसला सुनाया। शीर्ष अदालत ने चूक को लेकर पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है और इसे जल्द से जल्द जांच रिपोर्ट सौंपने को कहा है।
नई दिल्ली। पंजाब दौरे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा में चूक ( PM Security Breach ) मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) ने बुधवार को अपना अहम फैसला सुनाया। शीर्ष अदालत ने इस मामले में पांच सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है। दरअसल इससे पहले सोमवार को सुनवाई के दौरान ही सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब और केंद्र सरकार की ओर की जा रही जांच पर रोक लगा दी थी। इसके साथ ही कहा था कि सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज की अध्यक्षता में इस मामले की जांच होगी। इसके साथ ही सभी मौजूदा जांच कमेटियों पर शीर्ष अदालत ने पूरी तरह रोक लगा दी है। बता दें कि पंजाब दौरे पर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले को कुछ प्रदर्शनकारियों ने रोक दिया था। इसके बाद एयरपोर्ट पर जाते वक्त पीएम मोदी ने अधिकारियों से कहा था कि अपने सीएम को धन्यवाद देना कि मैं एयरपोर्ट जिंदा लौट आया।
मल्होत्रा की अगुवाई में होगी पीएम सुरक्षा चूक की जांच
सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित पांच सदस्यीय कमेटी की प्रमुख इंदू मल्होत्रा होंगी। उनकी अगुवाई में इस जांच कमेटी में डीजी NIA , डीजी चंडीगढ़, पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल और ADGP पंजाब शामिल होंगे। जो प्रधानमंत्री की सुरक्षा में चूक मामले की पूरी जांच करेंगे।
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पीएम सुरक्षा में चूक की होगी पड़ताल
ये चार सदस्यीय कमेटी अब सभी सीसीटीवी फुटेजों को खंगालेगी। लोगों के बयान से लेकर पुलिसिया कार्रवाई तक हर बिंदू पर बारीकी से तथ्यों की जांच की जाएगी। यही नहीं कमेटी इस बात भी ध्यान देगी कि भविष्य में इस तरह की चूक ना हो इसको लेकर जरूरी बातों को जांच रिपोर्ट में शामिल किया जाएगा।
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जांच की समय सीम तय नहीं
शीर्ष अदालत ने अभी अपने आदेश में जांच की समय सीमा को लेकर कोई समय निर्धारित नहीं किया है। सर्वोच्च न्यायालयन ने कहा है कि कमेटी जल्द से जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपे। कमेटी ये अध्ययन करेगी कि सुरक्षा में चूक का अहम कारण क्या था। यही नहीं इसके साथ ही सुरक्षा को और अभेद्य बनाने के लिए और किस तरह के उपाय किए जा सकते हैं। इन बातों को भी शामिल किया जाएगा।
बता दें कि पंजाब सरकार और केंद्रीय गृह मंत्रालय दोनों की ओर से प्रधानमंत्री की सुरक्षा मामले में चूक को लेकर अपनी-अपनी कमेटी गठित की गई थी। यही नहीं पंजाब सरकार और केंद्री गृहमंत्रालय दोनों ने एक दूसरे की जांच समिति पर भरोसा नहीं होने की बात भी कही थी। इसके बाद ही सुप्रीम कोर्ट ने इन दोनों की जांच पर रोक लगा दी है।