अगर भाजपा के मुखपत्र के पाठकों को मुस्लिम लीग द्वारा संचालित समाचार पत्र का संपादकीय पृष्ठ पढ़ने को मिल जाए तो क्या होगा? केरल में नव वर्ष के दिन ऐसा ही हुआ।
नए साल के पहले दिन केरल की राजनीति में एक दिलचस्प और हैरान करने वाला वाकया सामने आया। भाजपा के आधिकारिक मुखपत्र 'जनमभूमि' के कन्नूर-कासरगोड संस्करण में गलती से इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) के मुखपत्र 'चंद्रिका' का पूरा संपादकीय पेज छप गया। इस ब्लंडर ने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक हलकों तक खूब चर्चा बटोरी, हालांकि इसे तकनीकी गलती बताया जा रहा है।
जनमभूमि के संपादकीय पेज की जगह चंद्रिका का पेज छप गया, जिसमें IUML प्रदेश अध्यक्ष सैयद सादिकली शिहाब थंगल का हस्ताक्षरित लेख, IUML नेता एमके मुनीर का लेख और 'A Left Front in Crumbles' शीर्षक वाला संपादकीय शामिल था। यह संपादकीय लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) की हालिया स्थानीय निकाय चुनावों में हार पर था। अखबार के बाकी पेज सामान्य रहे। गलती केवल कन्नूर-कासरगोड एडिशन तक सीमित थी।
जनमभूमि के कन्नूर ब्यूरो चीफ गणेश मोहन ने इसे छपाई प्रक्रिया में तकनीकी मिक्स-अप बताया। दोनों अखबार एक ही प्राइवेट CTP (कंप्यूटर-टू-प्लेट) सेंटर और प्रतीक्षा प्रिंटर्स से छपते हैं। CTP सेंटर पर चंद्रिका की प्लेट गलती से जनमभूमि की प्लेट्स के साथ भेज दी गई, जो प्रिंटिंग तक नोटिस नहीं हुई। चंद्रिका के संपादक कमाल वराडूर ने इसे सकारात्मक बताते हुए कहा कि नए साल पर उनके संपादकीय को ज्यादा पाठक मिलना शुभ संकेत है।
विपक्षी दलों ने इस गलती को मौका बनाकर BJP और IUML की कथित निकटता पर तंज कसे। CPI(M) नेता एमवी जयराजन ने कहा कि यह घटना दोनों की 'सत्ता के लिए निकटता' को उजागर करती है और इसे 'चंद्रभूमि' नाम दिया। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रेस सचिव पीएम मनोज ने फेसबुक पोस्ट में व्यंग्य किया कि चंद्रिका के पेज में BJP पर एक भी लाइन नहीं थी, जो 'स्वाभाविक' है। IUML समर्थकों ने सोशल मीडिया पर जवाब दिया कि लेख 'वंदे मातरम और संघ परिवार' सीरीज का हिस्सा था।
BJP और IUML विचारधारा से विपरीत हैं – एक हिंदू राष्ट्रवादी, दूसरा मुस्लिम लीग से जुड़ा। यह गलती जानबूझकर नहीं लगती, क्योंकि चंद्रिका के कंटेंट में BJP पर सीधा हमला नहीं था। एक BJP कार्यकर्ता ने राहत जताई कि 'सौभाग्य से BJP को टारगेट करने वाली कोई लाइन नहीं थी'। घटना ने राजनीतिक गलियारों में हंसी-मजाक पैदा किया, लेकिन सांप्रदायिक गठजोड़ की अफवाहों को हवा दी। कोई औपचारिक माफी या बयान अभी नहीं आया है।