
Abdul Bari Death: तेलंगाना के बहुचर्चित दलित युवक पेरुमल्ला प्रणय कुमार ‘ऑनर किलिंग’ मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे अब्दुल बारी (50) की गुरुवार को मौत हो गई। दोपहर करीब 3 बजे उसे दिल का दौरा पड़ा था। जेल प्रशासन उसे तुरंत सिकंदराबाद के गांधी अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। नलगोंडा का रहने वाला अब्दुल बारी इस ऑनर किलिंग केस में चौथा आरोपी था। उसका नाम गुजरात के पूर्व गृह मंत्री हरेन पांड्या हत्याकांड के आरोपियों में भी शामिल रहा था, हालांकि बाद में उस मामले में वह बरी हो गया था।
यह दर्दनाक घटना 14 सितंबर 2018 को नलगोंडा जिले के मिरयालागुड़ा कस्बे में हुई थी। 24 वर्षीय दलित युवक प्रणय कुमार अपनी गर्भवती पत्नी अमृता और मां प्रेमलता के साथ एक निजी अस्पताल से बाहर निकल रहा था। तभी एक भाड़े के हत्यारे ने सरेराह कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर उसकी निर्मम हत्या कर दी थी। इस खौफनाक वारदात का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद भारी आक्रोश फैल गया था।
प्रणय ने अपनी बचपन की दोस्त अमृता से परिजनों की मर्जी के खिलाफ जाकर 30 जनवरी 2018 को हैदराबाद के एक आर्य समाज मंदिर में अंतरजातीय विवाह किया था। अमृता एक उच्च जाति से ताल्लुक रखती थी, जबकि उसके पिता मारुति राव एक बड़े व्यवसायी थे। इसके बाद मारुति राव ने दामाद की हत्या की साजिश रची और बिहार के रहने वाले शूटर सुभाष कुमार शर्मा को 1 करोड़ रुपए की सुपारी दी। आरोपी मारुति राव की मार्च 2020 में जमानत पर रहने के दौरान संदिग्ध मौत हो गई थी।
नलगोंडा की एससी/एसटी विशेष अदालत ने 6 साल चले लंबे ट्रायल के बाद मुख्य शूटर सुभाष कुमार को फांसी की सजा सुनाई थी। वहीं असगर अली, अब्दुल बारी, अब्दुल करीम, श्रवण कुमार, ऑटो ड्राइवर निजाम और कार ड्राइवर शिवा को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। इस बीच पति की मौत के बाद भी हिम्मत न हारते हुए अमृता ने एक बेटे को जन्म दिया और न्याय की जंग जारी रखी।