Heavy Rain Alert: देश के कई राज्यों में 2 से 5 अप्रैल के बीच सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण भारी बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट। उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में गरज-चमक के साथ मौसम में बदलाव और तापमान में गिरावट की संभावना। जानें अपने राज्य के मौसम का हाल और किसानों को लेकर अलर्ट।
Pre-monsoon: अप्रैल की शुरुआत के साथ ही देशभर के मौसम में एक बार फिर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। बीते दिनों जहां कई क्षेत्रों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही थी, वहीं अब एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से मौसम ने करवट ले ली है। इसके असर से देश के कई हिस्सों में बादल छाने, तेज हवाएं चलने, गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की स्थिति बन रही है। यह बदलाव न केवल दिन के तापमान को प्रभावित करेगा, बल्कि किसानों और आम जनजीवन पर भी इसका असर पड़ने की संभावना है।
मौसम विभाग के अनुसार, 2 से 5 अप्रैल के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम सबसे अधिक सक्रिय रहेगा। एक तीव्र पश्चिमी विक्षोभ के कारण 3 और 4 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में भारी बारिश और ओलावृष्टि (Hailstorm) का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। दिल्ली-एनसीआर में भी इस दौरान 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है। 5 अप्रैल से इन गतिविधियों में कमी आएगी, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज होगी और लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
IMD के अनुसार, 2 से 5 अप्रैल के दौरान मध्य और पूर्वी भारत में मौसम काफी सक्रिय रहेगा। मध्य भारत के राज्यों विशेषकर मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में अगले 4 दिनों तक एक चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से छिटपुट बारिश, बिजली गिरने और तेज हवाओं की स्थिति बनी रहेगी। यहा 3 और 4 अप्रैल को गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है।
पूर्वी भारत की बात करें तो उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 2 अप्रैल को भारी बारिश का अलर्ट है, जो 3 अप्रैल से कम होने लगेगी। वहीं, ओडिशा और झारखंड में 4 और 5 अप्रैल को गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा दर्ज की जा सकती है। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों जैसे असम, मेघालय और मणिपुर में इस पूरी अवधि के दौरान व्यापक रूप से हल्की से मध्यम बारिश जारी रहेगी। तापमान के मोर्चे पर, इन क्षेत्रों में शुरुआत में 2-3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होगी, लेकिन बारिश और बादलों के कारण 4 अप्रैल से दिन के पारे में गिरावट दर्ज की जाएगी।
IMD के मुताबिक, 2 से 5 अप्रैल के बीच दक्षिण भारत में गर्मी और छिटपुट बारिश का मिला-जुला असर रहेगा। शुरुआती दो दिनों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होगी, जिससे आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में गर्मी बढ़ेगी। हालांकि, 3 और 4 अप्रैल को केरल, तमिलनाडु और आंतरिक कर्नाटक में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है। विशेष रूप से 4 अप्रैल को तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इन गतिविधियों और बादलों के कारण 4 अप्रैल के बाद तापमान में मामूली गिरावट आएगी, जिससे उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम विभाग ने 3 और 4 अप्रैल के दौरान संभावित तेज हवाओं, बारिश और ओलावृष्टि को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है। विशेष रूप से किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक उपाय करने की जरूरत है, क्योंकि ओलावृष्टि से नुकसान हो सकता है। इसके अलावा, गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाओं के दौरान खुले स्थानों पर रहने से बचना जरूरी है। समग्र रूप से देखा जाए तो देश के अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक बना रह सकता है, जबकि दिन का तापमान बादलों और वर्षा के कारण नियंत्रण में रहने की संभावना है।