29th April Public Holiday: भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर भारत के कई राज्यों में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। इस दिन स्कूल, कॉलेज, बैंक और सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे।
मंगलवार यानी 29 अप्रैल 2025 को भगवान परशुराम जयंती के अवसर पर भारत के कई राज्यों में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है। इस दिन स्कूल, कॉलेज, बैंक और सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। भगवान परशुराम, भगवान विष्णु के छठे अवतार, की जयंती को धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व के साथ मनाया जाता है। आइए जानते हैं किन राज्यों में इस दिन अवकाश रहेगा और क्या-क्या बंद रहेगा।
पंजाब सरकार ने 29 अप्रैल 2025 को भगवान परशुराम जयंती के लिए सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है। सभी सरकारी और निजी स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय और सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के अवकाश कैलेंडर के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में बैंक 29 अप्रैल को भगवान परशुराम जयंती के कारण बंद रहेंगे। साथ ही मध्य प्रदेश, हरियाणा, गुजरात, और राजस्थान में भी भगवान परशुराम जयंती के लिए अवकाश की संभावना है, क्योंकि यह पर्व इन क्षेत्रों में व्यापक रूप से मनाया जाता है। अन्य राज्यों में स्थानीय प्रशासन और शैक्षणिक संस्थानों के आधार पर छुट्टी की घोषणा हो सकती है।
स्कूल कॉलेज: पंजाब और हिमाचल प्रदेश में सभी सरकारी और निजी शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। अन्य राज्यों में, विशेष रूप से जहां यह पर्व धूमधाम से मनाया जाता है, स्कूल और कॉलेज बंद हो सकते हैं। अभिभावकों और छात्रों को अपने संस्थानों से पुष्टि कर लेनी चाहिए।
बैंक: हिमाचल प्रदेश में बैंक शाखाएं बंद रहेंगी, जैसा कि RBI के अवकाश कैलेंडर में उल्लेख किया गया है। हालांकि, डिजिटल बैंकिंग सेवाएं जैसे नेट बैंकिंग, मोबाइल ऐप, UPI और ATM उपलब्ध रहेंगे।
सरकारी कार्यालय: पंजाब में सभी सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे। अन्य राज्यों में स्थानीय प्रशासन के आधार पर सरकारी दफ्तरों में अवकाश हो सकता है।
निजी कार्यालय: निजी क्षेत्र के कार्यालयों में छुट्टी का फैसला संगठन के विवेक पर निर्भर करता है, लेकिन धार्मिक महत्व के कारण कई संस्थान कर्मचारियों को अवकाश दे सकते हैं।
भगवान परशुराम जयंती अक्षय तृतीया के दिन मनाई जाती है, जो हिंदू कैलेंडर के वैशाख मास की तृतीया तिथि को पड़ती है। इस दिन भगवान परशुराम के जन्म का उत्सव मनाया जाता है, जिन्हें धर्म और न्याय के प्रतीक के रूप में पूजा जाता है। भक्त मंदिरों में पूजा-अर्चना करते हैं और धार्मिक आयोजन करते हैं।