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Punjab Election 2027: मालवा क्यों तय करता है पंजाब की सत्ता का रास्ता? 69 सीटों का पूरा गणित

Punjab Assembly Elections 2027: पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले मालवा क्षेत्र राजनीतिक दलों के लिए अहम बन गया है। जानिए क्यों मालवा की 69 सीटें पंजाब की सत्ता की चाबी मानी जाती हैं और 2022 के चुनाव में AAP ने कैसा प्रदर्शन किया था।
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Updated: 31 Oct 2026, 12:02 PM IST
Punjab Politics
पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं (Photo-IANS)

Punjab Election 2027: पंजाब में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सभी राजनीतिक दलों ने तैयारी तेज कर दी है। वहीं प्रदेश की राजनीति में मालवा क्षेत्र को सत्ता की चाबी माना जाता है। विधानसभा की 117 सीटों में से 69 सीट इस इलाके में आती है। राज्य में सरकार बनाने के लिए 59 सीटों की आवश्यकता होती है। इसलिए कहा जाता है कि यदि कोई पार्टी मालवा क्षेत्र को जीत ले, सरकार बन जाएगी।

दरअसल, यही वजह है कि राजनीतिक पार्टियों द्वारा इस इलाके में अपना प्रभाव बनाने के लिए सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री इसी से चुनती है। कांग्रेस ने चरणजीत सिंह चन्नी, कैप्टन अमरिंदर सिंह को सीएम बनाया था। ये दोनों नेता मालवा क्षेत्र की विधानसभा सीटों से जीते थे। वहीं आम आदमी पार्टी ने भी अपनी सीएम इसी क्षेत्र से बनाया था। भगवंत मान ने धुरी से विधानसभा चुनाव जीता था, जो इसी क्षेत्र की विधानसभा सीट है। 

मालवा में कितनी सीटें और कौन-कौन से जिले?

मालवा पंजाब का सबसे बड़ा भौगोलिक और चुनावी क्षेत्र है। इसमें प्रमुख रूप से ये जिले शामिल हैं:

क्रम संख्याजिले का नाम
1लुधियाना
2पटियाला
3संगरूर
4बरनाला
5बठिंडा
6मानसा
7मोगा
8फरीदकोट
9फाजिल्का
10मुक्तसर
11फिरोजपुर
12रूपनगर
13मोहाली
कुल13 जिले

मालवा को क्यों कहा जाता है सत्ता की चाबी? 

प्रदेश की राजनीति में मालवा को सत्ता की चाबी कहा जाता है। इसके पीछे एक बड़ा कारण सीटों की सबसे बड़ी हिस्सेदारी है। इस क्षेत्र में प्रदेश की 69 सीटें आती है और सरकार बनाने के लिए 59 सीटों की आवश्यकता होती है। 

यानी यहां से बड़ी संख्या में सीटें जीतने वाली पार्टी सरकार बनाने की स्थिति में पहुंच सकती है। दूसरा कारण यह क्षेत्र मुख्यमंत्री की राजनीति का केंद्र भी है। पिछले तीन दशकों से प्रदेश के सीएम मालवा इलाके से ही बने है। मौजूदा मुख्यमंत्री भगवंत मान भी संगरूर जिले की धूरी विधानसभा सीट से आते हैं। 

इसके अलावा एक और बड़ा कारण यहां का जातीय और सामाजिक समीकरण है। मालवा की राजनीति में जाट सिख समुदाय का प्रभाव महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही अनुसूचित जाति के समुदायों, पिछड़े वर्गों, शहरी व्यापारिक वर्ग और अन्य धार्मिक-सामाजिक समूहों की भी अहम भूमिका है।

पंजाब के तीन प्रमुख क्षेत्रों में विधानसभा सीटों का विवरण

क्षेत्र विधानसभा सीटें
मालवा69
माझा25
दोआबा23
कुल विधानसभा सीटें117
बहुमत के लिए आवश्यक सीटें59

2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव में मालवा क्षेत्र में जीती गई सीटें

पार्टीजीती गई सीटें
आम आदमी पार्टी (AAP)66
कांग्रेस2
शिरोमणि अकाली दल (SAD)1
कुल69

2022 में मालवा में AAP ने किया शानदार प्रदर्शन

बता दें कि विधानसभा चुनाव 2022 में मालवा क्षेत्र में आम आदमी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन किया था। 69 सीटों में से आप ने 66 सीटों पर कब्जा जमाया था। जबकि कांग्रेस ने दो और शिरोमणि अकाली दल ने एक सीट जीती थी। इससे पहले 2017 में AAP मालवा में केवल 18 सीटें जीत पाई थी। यानी पांच साल में क्षेत्र का चुनावी रुझान काफी बदल गया था।

पंजाब के मालवा क्षेत्र में पिछले तीन विधानसभा चुनावों (2012, 2017 और 2022) में पार्टीवार जीती गई सीटें

मालवा क्षेत्र में कुल 69 विधानसभा सीटें हैं। पिछले तीन चुनावों में प्रमुख पार्टियों का प्रदर्शन इस प्रकार रहा:

राजनीतिक पार्टी201220172022
आम आदमी पार्टी (AAP)01866
कांग्रेस31402
शिरोमणि अकाली दल (SAD)3481
भारतीय जनता पार्टी (BJP)210
लोक इंसाफ पार्टी (LIP)020
अन्य200
कुल सीटें696969
Updated on:
31 Oct 2026, 12:02 PM IST
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