
Punjab Congress Leadership Change: पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने है। इससे पहले राजनीतिक दलों द्वारा तैयारी तेज कर दी है। वहीं चुनाव से पहले प्रदेश कांग्रेस में बड़े बदलाव के भी संकेत मिले है। रविवार को पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने नई दिल्ली स्थित कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी नेतृत्व से मुलाकात की।
बैठक में पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, कांग्रेस कार्यसमिति (सीडब्ल्यूसी) के सदस्य विजय इंदर सिंगला सहित कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि राहुल गांधी ने पंजाब कांग्रेस के पांच वरिष्ठ नेताओं को बुलाया था। मैंने अपना पक्ष उनके सामने रखा है। अब वह जो भी फैसला करेंगे, हम उसे स्वीकार करेंगे। हम कांग्रेस के समर्पित सिपाही हैं और राहुल गांधी तथा पार्टी के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।
बता दें कि यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव और नए नेतृत्व को लेकर चर्चाएं तेज हैं। विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पंजाब के राजनीतिक हालात का आकलन करने के लिए वरिष्ठ नेताओं अजय माकन, मीनाक्षी नटराजन और भजन लाल जाटव को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) का पर्यवेक्षक नियुक्त किया है।
वहीं विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी नेतृत्व चाहता है कि किसी भी बड़े फैसले की घोषणा से पहले सभी वरिष्ठ नेताओं को विश्वास में लिया जाए, ताकि कोई भी नेता खुद को नजरअंदाज महसूस न करे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पार्टी में औपचारिक बदलाव की घोषणा अगले एक-दो दिनों में की जा सकती है। यह घोषणा राहुल गांधी के मंगलवार को प्रस्तावित विदेश दौरे पर रवाना होने से पहले होने की संभावना है।
इससे पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर पंजाब कांग्रेस को लेकर अहम बैठक हुई। बैठक में राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल और पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल भी मौजूद रहे। बैठक में पार्टी पर्यवेक्षकों की तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट पर चर्चा की गई, जिसकी अध्यक्षता अजय माकन कर रहे हैं।
दरअसल, कांग्रेस नेतृत्व पंजाब में बीजेपी की आक्रामक रणनीति, मुख्यमंत्री भगवंत मान और अकाल तख्त के बीच टकराव की स्थिति तथा जाट सिख, हिंदू, दलित और ओबीसी नेताओं के बीच संतुलन को ध्यान में रखते हुए संगठनात्मक फेरबदल की तैयारी कर रहा है।