ड्रग मामले में फंसे शिरोमणित अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने मजीठिया को बड़ा झटका दिया है। ड्रग्स मामले में कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है।
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने ड्रग्स मामले में शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने सोमवार को मजीठिया की अग्रिम जमानत की मांग को खारिज कर दिया। दरअसल शिरोमणि अकाली दल के नेता मजीठिया के खिलाफ 20 दिसंबर को मोहाली में एनडीपीएस एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई थी। इसके बाद हाई कोर्ट ने 10 जनवरी को उन्हें अंतरिम जमानत देते हुए जांच में शामिल होने का आदेश दिया था। इसी मामले में मजीठिया ने पहले मोहाली की ट्रायल कोर्ट से जमानत मांगी थी, जिसे खारिज कर दिया गया था। बता दें कि इससे पहले कोर्ट ने मजीठिया को राहत देते हुए गिरफ्तारी से बचा लिया था।
मजीठिया ने बताया राजनीतिक प्रतिशोध
मजीठिया अकाली दल प्रमुख सुखबीर बादल की पत्नी पूर्व केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल के भाई हैं। अपने खिलाफ केस दर्ज होने के बाद मजीठिया ने सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और उपमुख्यमंत्री रंधावा पर उनके खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाया था। मजीठिया ने अपने खिलाफ दर्ज मामले को ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ बताया था। उन्होंने अपने खिलाफ लगे सभी आरोपों से पहले भी इनकार किया है।
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ये है मामला
पंजाब में ड्रग्स रैकेट की जांच की 2018 की स्थिति रिपोर्ट के आधार पर मजीठिया के खिलाफ NDPS एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। ये मामला पिछले महीने यानी दिसंबर 2021 में दर्ज किया गया था।
यह रिपोर्ट पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में एंटी ड्रग्स स्पेशल टास्क फोर्स के प्रमुख हरप्रीत सिंह सिद्धू ने 2018 में दाखिल की थी। राज्य पुलिस की अपराध शाखा द्वारा मोहाली पुलिस स्टेशन में दर्ज 49 पन्नों की प्राथमिकी में शिअद नेता के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम की धारा 25, 27 ए और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
हालांकि इससे पहले कोर्ट ने मजीठिया को अंतरिम जमानत दे दी थी। जमानत मिलने के बाद मजीठिया 12 जनवरी को वे SIT के सामने पूछताछ के लिए पेश हुए थे। पूछताछ के बाद मजीठिया ने कहा था कि उन्होंने जांच अधिकारियों को इस मामले में पूरा सहयोग करने का आश्वासन दिया है। उस दौरान अदालत ने मजीठिया को सुनवाई की अगली तारीख तक देश नहीं छोड़ने के लिए कहा था।
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