Punjab Minister ED case: AAP नेता संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी को उनके वकील ने राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए कहा कि एजेंसी ने बिना ठोस जांच के गिरफ्तारी की है।
Sanjeev Arora Arrest: पंजाब के मंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता संजीव अरोड़ा की प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की गई गिरफ्तारी को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। उनके वकील अर्जुन की इस पर प्रतिक्रिया भी सामने आई है। उन्होंने संजीव अरोड़ा की गिरफ्तारी (Punjab Minister ED Case) को राजनीतिक रूप से प्रेरित और सुनियोजित बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जांच एजेंसी ने मामले में कोई वास्तविक जांच नहीं की।
AAP नेता के वकील ने बताया कि ईडी ने अदालत में 10 दिन की रिमांड की मांग की थी, लेकिन अदालत ने 7 दिन की हिरासत मंजूर की है। अरोड़ा को 16 मई को गुरुग्राम की अदालत में दोबारा पेश किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि ईडी ने 5 मई को मामला दर्ज किया और 9 मई की सुबह सीधे गिरफ्तारी कर ली। उनका दावा है कि गिरफ्तारी से पहले कोई ठोस जांच नहीं की गई और अब तक एफआईआर की प्रति भी उपलब्ध नहीं कराई गई है।
बता दें कि ईडी ने यह कार्रवाई कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की है, जो जीएसटी से जुड़े फर्जी लेनदेन से संबंधित बताया जा रहा है। जांच एजेंसी का आरोप है कि अरोड़ा और उनके सहयोगियों ने फर्जी कंपनियों के जरिए मोबाइल फोन की खरीद-बिक्री के नकली बिल तैयार किए और इनका उपयोग इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) और जीएसटी रिफंड लेने के लिए किया गया।
बता दें कि शनिवार को ईडी ने दिल्ली, गुरुग्राम और चंडीगढ़ में पांच ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी, जिनमें AAP नेता अरोड़ा से जुड़े प्रतिष्ठान भी शामिल थे। इनमें एक ऑफिस हेम्पटन स्काई रियल्टी लिमिटेड का भी था, जो इस जांच के दायरे में है।
वहीं कंपनी ने अपने बयान में ईडी की कार्रवाई को खारिज करते हुए कहा कि वह न्यायपालिका और कानूनी प्रक्रिया पर पूरा भरोसा रखती है। कंपनी ने दावा किया कि उसने मई 2023 में ‘मेक इन इंडिया’ और पीएलआई योजना के तहत मोबाइल एक्सपोर्ट बिजनेस शुरू किया था और उसके निर्यात पूरी तरह वैध हैं।