Raghav Chadha AI deepfake Video: AI डीपफेक के खिलाफ राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। मामले की सुनवाई 21 मई को होगी।
Raghav Chadha Deepfake Video Case: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के बढ़ते दौर में डीपफेक और डिजिटल छेड़छाड़ अब सिर्फ तकनीकी मुद्दा नहीं, बल्कि लोगों की पहचान और छवि के लिए बड़ा खतरा बनता जा रहा है।
इसी खतरे को लेकर राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा अब कानूनी लड़ाई के मैदान में उतर आए हैं। राघव चड्ढा ने दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया है कि AI तकनीक का इस्तेमाल कर उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने वाले मॉर्फ्ड वीडियो, फेक भाषण और सिंथेटिक वॉयस क्लोन सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे हैं। उन्होंने अदालत से ऐसे डिजिटल कंटेंट पर रोक लगाने और अपने ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। इस मामले की सुनवाई 21 मई को जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की अदालत में होगी।
अपनी याचिका में राघव चड्ढा ने अदालत से मांग की है कि सोशल मीडिया पर उनके नाम और पहचान का गलत इस्तेमाल कर बनाए जा रहे AI डीपफेक वीडियो, मॉर्फ्ड क्लिप, नकली आवाज, फर्जी भाषण और दूसरे भ्रामक डिजिटल कंटेंट पर रोक लगाई जाए।
बता दें वह 2020 से 2022 तक दिल्ली के राजिंदर नगर से विधायक रह चुके हैं। लंबे समय तक आम आदमी पार्टी से जुड़े रहने के बाद अप्रैल 2026 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी जॉइन कर ली थी।
यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब AI और डीपफेक तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर सार्वजनिक हस्तियों के अधिकारों और उनकी डिजिटल सुरक्षा पर लगातार बहस तेज हो रही है।
भारत समेत दुनिया भर में कई बड़े नेता और सेलिब्रेटी AI डीपफेक और वॉयस क्लोनिंग का शिकार हो चुके हैं। चुनावों और राजनीतिक अभियानों के दौरान इसका इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है। इनमें अमित शाह, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का 6 उंगली वाला वीडियो, भारत के पूर्व क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर, एक्ट्रेस रश्मिका मंदाना, बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट, अक्षय कुमार, ऋतिक रोशन, कंगना रनौत जैसे बड़े सेलेब्स शामिल हैं।
अभी हाल ही में अनिल कपूर और अमिताभ बच्चन जैसे कई फिल्मी सितारों ने भी AI से बने फेक कंटेंट के खिलाफ अदालत का रुख किया था। इन मामलों में उनकी आवाज, तस्वीर और पहचान का बिना अनुमति इस्तेमाल किया गया था।
दिल्ली हाई कोर्ट ने ऐसे मामलों में कहा है कि किसी भी मशहूर व्यक्ति की आवाज़, चेहरा और पहचान उनकी खास संपत्ति की तरह होती है। इसलिए उनकी इजाजत के बिना उनका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता और कानून के तहत उन्हें इसकी सुरक्षा मिलनी चाहिए।