
Raghav Chadha BJP Challenge: आम आदमी पार्टी को छोड़कर राघव चड्ढा ने बीजेपी का दामन थाम लिया है। राघव के साथ AAP के 6 अन्य और सांसद भी बीजेपी में शामिल हो गए है, जिसमें अशोक मित्तल, स्वाति मालीवाल और हरभजन सिंह का नाम शामिल है। इन सात सांसदों में से पंजाब से 6 और दिल्ली से एक स्वाति मालीवाल है। सोमवार को राज्य सभा सचिवालय ने आप के सातों बागी सांसदों को लेकर अधिसूचना जारी की है, जिसमें बताया गया कि ये सभी अब बीजेपी के सांसद माने जाएंगे। इसी के साथ उच्च सदन में बीजेपी की संख्या 113 हो गई है।
AAP को छोड़कर राघव चड्ढा भले ही बीजेपी में शामिल हो गए हों, लेकिन उनके सामने कई चुनौतियाँ अभी भी हैं। राघव चड्ढा उच्च सदन में आम आदमी पार्टी की तरफ से पंजाब से सांसद थे।
AAP में रहते हुए राघव चड्ढा ने कई बार बीजेपी पर गंभीर आरोप लगाए है। आप छोड़ने पर राघव चड्ढा का सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें राघव कहते हुए नजर आ रहे हैं कि बीजेपी अनपढ़ गुडों की पार्टी है। वे सिर्फ गुंडागर्दी करते हैं।
इस बयान की लोग क्लिप सोशल मीडिया पर जमकर वायरल कर रहे हैं और मजे ले रहे हैं। दरअसल, जिस पार्टी को अनपढ़-गुंडों की पार्टी बता रहे थे, अब उस पार्टी में शामिल होकर अपने आप को कैसे एडजस्ट करते हैं।
तीन कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने बीजेपी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। इस आंदोलन में कई किसानों की मौत भी हुई थी। कृषि कानूनों को लेकर राघव चड्ढा ने बीजेपी पर जमकर निशाना साधा था। उस समय उन्होंने कहा था कि अगर किसानों के साथ खड़ा होना राजनीति है तो हम दोषी है। इसके अलावा उन्होंने मोदी सरकार पर इगो में रहने का भी आरोप लगाया।
राघव चड्ढा के सामने अब चुनौती होगी कि किसान आंदोलन में जो किसान शहीद हुए हैं, उनके परिवार को कैसे विश्वास दिलाएंगे, क्योंकि उस समय राघव चड्ढा बीजेपी का विरोध कर रहे थे और अब उसी पार्टी में शामिल हो गए हैं।
बता दें कि राघव चड्ढा के सामने सबसे बड़ी चुनौती बीजेपी में अपनी जगह बनाना है। पंजाब में पहले से ही सुनील जाखड़, तरुण चुघ, विजय सांपला जैसे बड़े नाम मौजूद है। ऐसे में चड्ढा के लिए संगठन में खुद को स्थापित करना आसान नहीं होगा। उन्हें न केवल पार्टी की विचारधारा के साथ तालमेल बैठाना होगा, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं का भरोसा भी जीतना होगा।