
Rahul Gandhi In Prayagraj: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में KP ग्राउंड में आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में शनिवार को लोकसभा में विपक्ष के नेता और वरिष्ठ कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधा। हजारों युवाओं और छात्रों की भारी भीड़ को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भारत के 40 करोड़ युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं, जिसके सामने अमेरिका, चीन और रूस जैसी महाशक्तियां भी फीकी पड़ जाती हैं। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की गलत नीतियों ने देश के युवाओं के लिए रोजगार के दरवाजे बंद कर दिए हैं।
प्रयागराज की ऐतिहासिक और पवित्र धरती पर पहुंचने पर, कांग्रेस कार्यकर्ताओं और छात्र नेताओं ने राहुल गांधी का अभूतपूर्व स्वागत किया। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय, इलाहाबाद के सांसद उज्ज्वल रमन सिंह और पार्टी के वरिष्ठ अधिकारियों ने हवाई अड्डे पर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में शामिल होने से पहले, राहुल गांधी ने अपने पैतृक घर आनंद भवन-स्वराज भवन में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक की, जिसमें उन्होंने क्षेत्र में पार्टी की स्थिति और युवा आंदोलनों की स्थिति की समीक्षा की।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय की विरासत की सराहना करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि भारत की असली ताकत उसकी युवा आबादी में है। उन्होंने कहा कि देश के करोड़ों युवाओं में 21वीं सदी में भारत को वैश्विक मंच पर आगे ले जाने की क्षमता है।
राहुल गांधी ने कहा, "युवा भारत की असली ताकत और उसका गौरव हैं। जब मैं यह कहता हूं, तो मेरा मतलब सिर्फ इस मैदान में जमा भीड़ से नहीं, बल्कि देश के हर कोने में रहने वाले 40 करोड़ युवाओं से है। जब भी वैश्विक स्तर पर प्रगति की बात होती है, तो लोग अमेरिका, चीन और रूस का जिक्र करते हैं। फिर भी, ये देश भारत के युवाओं की क्षमता और प्रतिभा के मुकाबले नहीं ठहरते। आपमें अपार बुद्धि, कल्पनाशीलता और क्षमता है, जो भारत के भविष्य को आकार देंगे।"
राहुल गांधी ने आगे कहा कि 21वीं सदी के लिए भारत के पास दो बड़ी ताकतें हैं। पहली ताकत है दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी यानि 40 कारोड युवा और दूसरी ताकत है डेटा का सबसे ज़्यादा इस्तेमाल। राहुल ने बताया कि औसतन हर भारतीय नागरिक रोज़ाना 1 गीगाबाइट (GB) डेटा इस्तेमाल करता है। इसलिए भविष्य में दुनिया की सबसे मजबूत अर्थव्यवस्था बनने के लिए, हमें अपनी युवा क्षमता और डेटा संसाधनों का सही इस्तेमाल करना होगा।
राहुल गांधी ने बेरोज़गारी, परीक्षा के पेपर लीक होने और शिक्षा के व्यवसायीकरण को लेकर केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि भारी फीस देकर हासिल की गई डिग्रियां आज युवाओं को नौकरी दिलाने में नाकाम हो रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत में शैक्षिक सर्टिफिकेट और डिग्रियों का महत्व खत्म हो गया है क्योंकि इनसे नौकरी की कोई गारंटी नहीं मिलती।
राहुल ने कहा कि माता-पिता अपने बच्चों की पढ़ाई पर अपनी मेहनत की कमाई खर्च करते हैं, लेकिन बाद में परीक्षा के पेपर लीक हो जाते हैं। अमीर परिवारों के बच्चे पेपर खरीद लेते हैं, जबकि गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के होनहार युवा सड़कों पर भटकते रह जाते हैं। देश में नौकरी के हर रास्ते और मौके को एक-एक करके बंद किया जा रहा है।