
Student Rally: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित छात्र आउटरीच कार्यक्रम 'छात्रों की गूंज' के मैदान की बुकिंग अचानक रद्द होने से बड़ा सियासी बवाल खड़ा हो गया है। इस फैसले के बाद कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए खुली चुनौती दी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि प्रशासन चाहे जितनी रुकावटें खड़ी कर ले, लेकिन वे इस कार्यक्रम को हर हाल में आयोजित करके रहेंगे।
इमरान प्रतापगढ़ी ने प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर सरकार राहुल गांधी के छात्रों से मिलने और बातचीत करने से इतनी डरी हुई क्यों है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यह सरकार 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम से क्यों डर रही है? अगर आप इस कार्यक्रम को रोकेंगे, तो आपको छात्रों का हुंकार सुनाई देगा। इसलिए राहुल गांधी को युवाओं से जुड़ने से मत रोकिए। कांग्रेस सांसद ने कि हम यह कार्यक्रम आयोजित करेंगे, आप इसे रोकने की कोशिश करके देख लीजिए।
वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने भी इस फैसले पर हैरानी जताते हुए कहा कि समझ नहीं आता कि आखिर प्रशासन और सरकार को छात्रों के बीच जाने और उनसे संवाद करने से क्या डर लग रहा है।
कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और सांसद वर्षा गायकवाड़ ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष लगातार संसद से लेकर सड़क तक छात्रों के हित, नौकरियों की भर्ती और लगातार हो रहे 'पेपर लीक' के मुद्दे उठा रहा है। सरकार इन सवालों के जवाब देने के बजाय विपक्षी नेताओं के मंच ही छीनने का प्रयास कर रही है। उन्होंने RSS प्रमुख मोहन भागवत के Gen Z से बातचीत पर भी तंज कसते हुए कहा कि वे पहले अपनी ही पार्टी के मंत्रियों और सांसदों को संसद में आकर जनता को जवाब देने की सलाह दें।
इस पूरे विवाद में समाजवादी पार्टी के सांसद धर्मेंद्र यादव ने आरोप लगाया कि मौजूदा शासन प्रणाली युवाओं को मंच देने से बच रही है और पूरी तरह से छात्र असंतोष को दबाने में लगी है। वहीं दूसरी तरफ राजद सांसद मनोज झा ने रांची में चल रहे छात्र आंदोलनों का जिक्र करते हुए कहा कि देश में युवाओं का गुस्सा चरम पर है। प्रयागराज में वेन्यू कैंसिल करने का सीधा जवाब पत्रकारों को प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से मांगना चाहिए।