
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू | फोटो सोर्स-IANS
Rahul Gandhi: संसद के मानसून सत्र में सरकार और विपक्ष के बीच घमासान रुकने का नाम नहीं ले रहा है। अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामला हो या फिर दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुआ पुलिस लाठीचार्ज। इन दोनों मुद्दों पर संसद में जबरदस्त बवाल चल रहा है। बुधवार को जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, विपक्षी सांसदों ने गृह मंत्री अमित शाह से जवाब की मांग करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। इस शोर-शराबे और हंगामे के चलते लोकसभा 2 बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
संसद में लगातार 13 दिनों से जारी इस गतिरोध को खत्म करने और सदन के कामकाज को दोबारा चलाने के लिए अब सरकार और विपक्ष के बड़े नेता आपस में चर्चा कर रहे हैं। इसी सिलसिले में संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बीच एक बेहद अहम बैठक हुई है। माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच जारी गतिरोध खत्म करने और विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों पर चर्चा की राह निकालने को लेकर विचार-विमर्श हुआ है।
सदन में जारी गतिरोध को लेकर सत्ता पक्ष ने विपक्ष पर जानबूझकर कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया है। भाजपा के वरिष्ठ सांसद जगदंबिका पाल ने विपक्षी दलों को घेरते हुए कहा कि विपक्ष जानबूझकर संसद को चलने नहीं दे रहा है। रांची में JPSC पेपर लीक को लेकर छात्र 13 दिनों से सड़कों पर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन झारखंड के मुख्यमंत्री ने आज तक उनसे बात करने की जहमत नहीं उठाई। उस पर राहुल गांधी और पूरा विपक्ष चुप्पी साधे बैठा है। वही दिल्ली में केंद्र सरकार और मंत्रियों ने छात्रों की मांगों को सुना है। विपक्ष के पास कोई ठोस मुद्दा नहीं बचा है, वह सिर्फ काम रोकने की राजनीति कर रहा है।
विपक्ष के भारी विरोध और हंगामे के बावजूद सरकार जरूरी विधेयकों को पारित कराने में लगी है। इससे पहले मंगलवार को भी बार-बार के स्थगन के बीच लोकसभा ने बिना किसी चर्चा के ध्वनिमत से विनियोग (संख्यांक-3) विधेयक, 2026 को मंजूरी दे दी। इसके साथ ही राज्यसभा ने भी बहुत ही संक्षिप्त चर्चा के बाद जन्म और मृत्यु का पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026 को पास कर दिया था। हालांकि, विधायी कामकाज के बावजूद सदन में तनाव बरकरार है।
Updated on:
05 Aug 2026 12:57 pm
Published on:
05 Aug 2026 12:57 pm
